US: ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत के आंकड़े पर सवाल पेंटागन के रिकॉर्ड में चार मौतें कम

वाशिंगटन। ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत के आंकड़ों को लेकर सवाल उठे हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने शुक्रवार को अमेरिकी रक्षा विभाग के छह अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैन्यकर्मियों की संख्या पेंटागन के सार्वजनिक आंकड़ों से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक संख्या करीब 22 हो सकती है, जबकि पेंटागन के सार्वजनिक डेटाबेस में फिलहाल 18 मृतकों को दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन के डेटाबेस में दर्ज 18 मृतकों में से 14 को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत शामिल किया गया है। यही नाम अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल किया है। वहीं चार अन्य मौतों को एक अलग विदेशी अभियान की श्रेणी में दर्ज किया गया है। इस वजह से ईरान युद्ध में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की कुल मौतों का आंकड़ा सार्वजनिक रिकॉर्ड में अलग-अलग दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, अलग श्रेणी बनाए जाने के पीछे प्रशासनिक कारण है। पेंटागन का कहना है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ समाप्त हो चुका था और इसके बाद जुलाई में हुए युद्धविराम के पश्चात जब दोबारा संघर्ष शुरू हुआ, तब हुई मौतों को एक अलग विदेशी अभियान श्रेणी में रखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान युद्ध से जुड़ी चार मौतों को इसी व्यवस्था के तहत अलग दर्ज किया गया।

इस पूरे मामले में मध्य पूर्व में फरवरी के बाद हुई दो अन्य अमेरिकी सैन्य मौतों का भी उल्लेख किया गया है। इन दोनों सैन्यकर्मियों को अलग-अलग अभियानों के तहत तैनात किया गया था और उनके मिशन आधिकारिक रूप से ईरान युद्ध का हिस्सा नहीं माने गए। इसी कारण उनके मामलों को भी ईरान युद्ध में हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़े से अलग रखा गया है।

इनमें सार्जेंट डेविन सीबेल की मौत का मामला शामिल है। उनकी 31 मई को इराक के इरबिल में एक प्रशिक्षण दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। वह इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ में तैनात थे। हालांकि, रक्षा विभाग के संबंधित डेटाबेस में ‘इनहेरेंट रिजॉल्व’ के आंकड़ों में उनका नाम दर्ज नहीं होने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

दूसरा मामला मेजर सोरफ्ली डेवियस का है, जिनकी 6 मार्च को कुवैत में एक अज्ञात चिकित्सकीय आपात स्थिति के बाद मौत हुई थी। वह ‘ऑपरेशन स्पार्टन शील्ड’ के तहत तैनात थे। यह अभियान क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सैन्य सहयोग से संबंधित है। रिपोर्ट के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत का ईरान के हमले से कोई सीधा संबंध था या नहीं।

इस तरह पेंटागन के आधिकारिक वर्गीकरण और ईरान युद्ध से जुड़ी कुल अमेरिकी सैन्य मौतों के अनुमान के बीच अंतर सामने आया है। वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में रक्षा विभाग के अधिकारियों के हवाले से यह अंतर बताया है, जबकि पेंटागन का कहना है कि अलग-अलग अभियानों और सैन्य अभियानों की अवधि के आधार पर मौतों को अलग श्रेणियों में दर्ज किया गया है।

 

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