Himachal: हिमाचल में सरकारी भर्तियों में पक्षपात खत्म करने के लिए नई व्यवस्था मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा एलान

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया में बड़े बदलाव की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हमीरपुर चयन आयोग को भंग कर अब एक नई और पारदर्शी प्रणाली विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि अब लोक सेवा आयोग की भर्तियों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार, दोनों के अंकों को जोड़कर ही अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी। इस कदम से चयन प्रक्रिया में होने वाले किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे बदले की भावना के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना है। उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों को खुली चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में यह पहली बार है जब मानसून सत्र की अवधि 10 दिनों की रखी गई है। उन्होंने विपक्ष से सदन से बाहर जाने (वॉकआउट) के बजाय तथ्यों के साथ चर्चा में शामिल होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश की संपदा के अनुचित उपयोग पर सरकार जल्द ही एक ‘व्हाइट पेपर’ पेश करेगी।

प्राकृतिक खेती और फसलों के न्यूनतम दाम

राज्य सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और फसलों की खरीद के लिए आकर्षक मूल्य निर्धारित किए हैं। किसानों के लिए निर्धारित दरों का विवरण इस प्रकार है:

फसल का नाम सरकारी खरीद दर (प्रति किलो)
प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये
प्राकृतिक मक्की 50 रुपये
प्राकृतिक अदरक 30 रुपये
प्राकृतिक हल्दी 150 रुपये

किसानों की उपज की गुणवत्ता जांचने के लिए हमीरपुर में उत्तर भारत की पहली आधुनिक टेस्टिंग लैब की स्थापना भी की गई है।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 68 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ पौष्टिक भोजन भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आगामी बजट में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का वादा भी किया।

मुख्यमंत्री ने सद्भावना दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मतदान की उम्र 18 वर्ष करने और स्थानीय निकायों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने जैसे राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आज हिमाचल की पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 54 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

अपने आगामी दिल्ली दौरे के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि वे केंद्र सरकार के समक्ष बीबीएमबी और किशाऊ बांध से जुड़े राज्य के वित्तीय अधिकारों को प्रमुखता से उठाएंगे। यदि केंद्र सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा, उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाली फर्जी और भ्रामक जानकारियों से जनता को सतर्क रहने की सलाह दी और जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

 

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