शिमला, 6 अगस्त। हिमाचल प्रदेश की राजधानी को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सप्ताह भर चलने वाले वनरोपण सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ किया। नगर निगम शिमला द्वारा संचालित ‘ग्रीन शिमला, हमारा शिमला’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी निवास ‘ओक ओवर’ में एक पौधा लगाकर प्रदेशवासियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे प्रकृति को बचाने के इस महाभियान में सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने जनमानस को प्रेरित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसका पोषण करने का संकल्प ले, तो यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ा योगदान होगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक संस्थाओं से भी इस वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर और उत्साहपूर्वक हिस्सा लेने की अपील की।
इस वर्ष 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य
‘ग्रीन शिमला, हमारा शिमला’ अभियान का यह लगातार तीसरा वर्ष है। इस साल नगर निगम शिमला ने शहर के विभिन्न हिस्सों में 5,000 से 10,000 नए पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत के दौरान नगर निगम के पार्षदों को बाण और देवदार के पौधे भी वितरित किए। इन पौधों को शहर के विभिन्न वार्डों और चिन्हित क्षेत्रों में लगाया जाएगा ताकि शिमला की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ की आबोहवा को बेहतर बनाया जा सके।
| अभियान के मुख्य बिंदु और लक्ष्य |
| • सप्ताह भर चलने वाले वनरोपण उत्सव की शुरुआत। |
| • इस वर्ष 5,000 से 10,000 पौधे लगाने का लक्ष्य। |
| • पिछले वर्षों के पौधों के जीवित रहने की दर उत्साहजनक। |
| • बाण और देवदार जैसे पारंपरिक पहाड़ी पौधों पर विशेष जोर। |
चियाना पहाड़ी क्षेत्र पर विशेष ध्यान
नगर निगम द्वारा पिछले वर्षों में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल चियाना पहाड़ी क्षेत्र को इस अभियान के तहत गोद लिया गया था, जहाँ लगभग 3,000 पौधे लगाए गए थे। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले साल लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बहुत प्रभावशाली रही है। इसी सफलता को देखते हुए इस साल भी उसी स्थान पर अतिरिक्त 3,000 पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दर्शाती है कि नगर निगम केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों की सहभागिता
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम के दौरान नगर निगम विभिन्न राज्य मंत्रियों को भी अभियान से जोड़ेगा। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मंत्रियों की उपस्थिति में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आम जनता में इसके प्रति अधिक जागरूकता पैदा हो सके। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
इस शुभारंभ समारोह के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान और विभिन्न वार्डों के पार्षद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर शिमला को और अधिक स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी और इसमें स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।