Bangladesh: बांग्लादेश आतंकवाद का नया गढ़ और भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान

नई दिल्ली। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता साजीब वाजेद जॉय ने पड़ोसी देश की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह करते हुए कहा है कि बांग्लादेश अब एक ‘विफल राष्ट्र’ बनने की कगार पर है। जॉय के अनुसार, यदि विश्व शक्तियों ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह देश क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद का नया केंद्र बन सकता है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ेगा।

बुधवार को नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को अमेरिका से वर्चुअली संबोधित करते हुए जॉय ने कई चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में विदेशी खुफिया एजेंसियां, विशेषकर पाकिस्तान की आईएसआई (ISI), अब पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं और उन्हें वहां काम करने की पूरी आजादी मिल गई है।

आतंकवादियों की रिहाई और कट्टरपंथ का उदय
साजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि अवामी लीग की सरकार के दौरान जिन सैकड़ों खूंखार आतंकवादियों को गिरफ्तार कर जेलों में डाला गया था, उन्हें वर्तमान शासन के तहत रिहा कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि हिज्ब-उत-तहरीर जैसे प्रतिबंधित संगठन अब बांग्लादेश की सड़कों पर खुलेआम मार्च निकाल रहे हैं और अल-कायदा से जुड़े लोग सार्वजनिक सभाओं में भाषण दे रहे हैं। जॉय ने चेतावनी दी कि अगर इस कट्टरपंथ को नहीं रोका गया, तो बांग्लादेश वैश्विक आतंकवादियों की अगली पीढ़ी तैयार करने वाली फैक्ट्री बन जाएगा।

साजीब वाजेद जॉय की प्रमुख चिंताएं
• बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर ‘दूसरा पाकिस्तान’ बन रहा है।
• जेलों से सैकड़ों सजायाफ्ता आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया है।
• अल-कायदा और प्रतिबंधित संगठन अब सार्वजनिक रैलियां कर रहे हैं।
• अवामी लीग के कार्यकर्ताओं की ‘गैर-न्यायिक हत्याएं’ हो रही हैं।

भारत के लिए सुरक्षा खतरा
भारत के संदर्भ में बात करते हुए जॉय ने कहा कि नई दिल्ली के लिए यह सबसे बड़ी सुरक्षा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, “आज भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान खड़ा हो गया है। वहां अल-कायदा के सदस्य रैलियों को संबोधित कर रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए खतरनाक संकेत है।” उन्होंने भारतीय मीडिया से इस गंभीर मुद्दे को केवल एक खबर न मानकर लगातार कवर करने की अपील की। गौरलतब है कि यह बयान बांग्लादेश में हुए हालिया संसदीय चुनावों के बाद आया है, जिसमें तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है।

मौतों के आंकड़ों और कानून पर सवाल
सुरक्षा के अलावा, जॉय ने जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और सरकार के आंकड़ों में करीब 600 मौतों का अंतर है, जिसका स्पष्टीकरण मांगने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा। उन्होंने ‘इंडैमनिटी बिल’ की भी कड़ी आलोचना की। जॉय के अनुसार, यह कानून उन प्रदर्शनकारियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है जिन्होंने पुलिस अधिकारियों और अवामी लीग के सदस्यों की हत्या की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग के हजारों समर्थकों को बिना किसी मुकदमे के हिरासत में रखा गया है और कइयों की हिरासत के दौरान मौत हो गई है, जिसे उन्होंने ‘गैर-न्यायिक हत्या’ करार दिया। जॉय ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि बांग्लादेश को लोकतांत्रिक पटरी पर वापस लाने के लिए दबाव बनाया जाए, अन्यथा पूरा क्षेत्र अस्थिर हो सकता है।

 

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