चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने गुरबाणी के प्रसारण को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सिख मर्यादा का पालन करते हुए गुरबाणी का सभी चैनलों पर नि:शुल्क और निष्पक्ष प्रसारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। निज्जर के अनुसार, गुरबाणी करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है और इसका किसी भी प्रकार से व्यवसायीकरण करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इसे व्यावसायिक बाधाओं से मुक्त रखना अनिवार्य है।
विधायक ने वर्तमान व्यवस्था में कथित एकाधिकार को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने तर्क दिया कि गुरबाणी के प्रसारण के अधिकार किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि सभी चैनलों को इसे प्रसारित करने के समान अवसर मिलने चाहिए। इससे गुरबाणी का दिव्य संदेश बिना किसी भेदभाव के दुनिया भर की संगत तक सुगमता से पहुँच सकेगा।
वित्तीय घाटे की भरपाई और बकाया वसूली
इंदरबीर सिंह निज्जर ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रसारण व्यवस्था के कारण एसजीपीसी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस व्यवस्था के कारण हुई क्षति की पूरी भरपाई की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कथित 7.5 करोड़ रुपये की बकाया राशि की जल्द से जल्द वसूली सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि धार्मिक संस्था के संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
| विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर की प्रमुख मांगें |
| • गुरबाणी का सभी चैनलों पर बिना किसी शुल्क के सीधा प्रसारण हो। |
| • प्रसारण व्यवस्था में किसी भी निजी कंपनी का एकाधिकार पूरी तरह समाप्त किया जाए। |
| • एसजीपीसी को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई और 7.5 करोड़ की बकाया राशि वसूल हो। |
| • एसजीपीसी भविष्य की जरूरतों के लिए अपना स्वयं का प्रसारण ढांचा तैयार करे। |
| • सिख न्यायिक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति और एसजीपीसी चुनाव जल्द कराए जाएं। |
आत्मनिर्भरता और स्वयं का प्रसारण ढांचा
विधायक ने एसजीपीसी को सुझाव दिया कि वह बार-बार होने वाले खर्चों और दूसरों पर निर्भरता को कम करने के लिए अपना स्वयं का अत्याधुनिक प्रसारण ढांचा विकसित करे। उनके अनुसार, यदि एसजीपीसी के पास अपना तकनीकी तंत्र होगा, तो वह अधिक पारदर्शिता के साथ गुरबाणी का प्रसार कर पाएगी। इससे न केवल लंबे समय में अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वतंत्र प्रसारण भी संभव होगा।
सिख आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया
प्रसारण के मुद्दे के साथ ही निज्जर ने प्रशासनिक सुधारों की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सिख न्यायिक आयोग से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से निपटाने के लिए आयोग के अध्यक्ष के रिक्त पद पर शीघ्र नियुक्ति की जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने एसजीपीसी के चुनावों को समय पर संपन्न कराने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नई प्रतिनिधि संस्था का गठन होना चाहिए, जो समुदाय की भावनाओं के अनुरूप निर्णय ले सके।
अंत में इंदरबीर सिंह निज्जर ने दोहराया कि गुरबाणी किसी व्यक्ति या निजी संस्था के व्यावसायिक लाभ का माध्यम नहीं है। यह संपूर्ण सिख समुदाय की विरासत है, इसलिए इसके प्रसारण से जुड़े हर फैसले में पारदर्शिता, मर्यादा और संगत की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि आध्यात्मिक संदेश के प्रसार को एक सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी व्यावसायिक गतिविधि के रूप में।