US: गाजा में युद्ध समाप्ति की दिशा में, हमास डालेगा हथियार- ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रहे लंबे और खूनी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत का दावा किया है। ट्रंप ने एलान किया है कि उनके द्वारा नवगठित ‘शांति बोर्ड’ ने हमास और गाजा के अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण (हथियार डालने) को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बना ली है। इस समझौते के तहत हमास पीछे हटने को तैयार हो गया है और इसके बदले इजरायली सेना गाजा से पूरी तरह वापस लौट जाएगी। ट्रंप ने इसे स्थायी शांति की दिशा में गाजा के लिए अपनी 20-सूत्रीय योजना का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।


तीन चरणों में लागू होगी शांति योजना
डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस ऐतिहासिक समझौते को पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए एक चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाएगी। योजना के पहले चरण में हमास और गाजा में सक्रिय अन्य सभी छोटे-बड़े सशस्त्र समूहों का पूर्ण निरस्त्रीकरण किया जाएगा। जब यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, तब दूसरे चरण में इजरायली सेनाएं गाजा के क्षेत्रों को खाली कर वापस लौटेंगी। अंतिम चरण में, गाजा की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए एक ‘अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल’ की तैनाती की जाएगी। यह अंतरराष्ट्रीय बल एक नए गठित फलिस्तीनी पुलिस बल के साथ मिलकर काम करेगा ताकि गाजा को वहां के निवासियों और पड़ोसी देशों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।


मध्यस्थ देशों का आभार और कूटनीतिक सफलता
इस जटिल समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए डोनल्ड ट्रंप ने मध्यस्थता कर रहे प्रमुख देशों मिस्र, कतर और तुर्की के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन देशों के महत्वपूर्ण प्रयासों और उनकी अपनी प्रशासनिक टीम के अथक परिश्रम के बिना यह ऐतिहासिक सफलता संभव नहीं थी। ट्रंप ने इस उपलब्धि को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए उन आलोचकों को भी जवाब दिया, जिन्होंने कहा था कि गाजा में इस तरह का समझौता कभी हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके प्रशासन ने वह कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन लग रहा था।


गाजा अब इजरायल के लिए खतरा नहीं
इजरायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए भीषण आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि गाजा अब भविष्य में सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं रहेगा। उन्होंने संकल्प दोहराया कि गाजा की धरती से 7 अक्टूबर जैसी परिस्थितियां दोबारा कभी नहीं पनपने दी जाएंगी। ट्रंप ने पिछले एक साल के घटनाक्रम पर नजर डालते हुए कहा कि एक साल पहले क्षेत्र भीषण युद्ध, मानवीय संकट और बंधकों की पीड़ा से जूझ रहा था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि ऐतिहासिक प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी शांति को स्थायी बनाने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है।


क्या है शांति बोर्ड और इसके मुख्य सदस्य
गाजा में शांति बहाली के लिए जिस ‘शांति बोर्ड’ (Board of Peace) ने यह समझौता कराया है, उसकी शुरुआत डोनल्ड ट्रंप ने दावोस में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मंच के रूप में की थी। इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं डोनल्ड ट्रंप हैं। इस उच्चस्तरीय बोर्ड में कई प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियां और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी शामिल हैं। इसके कार्यकारी बोर्ड में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और जेरेड कुशनर जैसे नाम शामिल हैं। यह मंच वैश्विक स्तर पर जटिल संघर्षों को सुलझाने के लिए एक स्वतंत्र मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।

 

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