नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक को रोकने के लिए प्रस्तावित नए कानून पर चल रही चर्चा उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए। राहुल गांधी के बयानों के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर साधा सीधा निशाना
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों द्वारा निकाले गए ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश स्वयं अमित शाह ने दिया था। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि आज गृह मंत्री में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे सदन का सामना कर सकें और युवाओं पर हुए इन हमलों के विषय में कोई स्पष्टीकरण दे सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास कर रही है।
शिक्षा मंत्रालय और आरएसएस के बीच सांठगांठ का आरोप
राहुल गांधी ने केवल गृह मंत्रालय ही नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय को धर्मेंद्र प्रधान नहीं चला रहे हैं, बल्कि इसकी कमान पर्दे के पीछे से आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) संभाल रहा है। राहुल ने दावा किया कि आज देश की हर यूनिवर्सिटी में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े लोगों को ही वाइस चांसलर (कुलपति) नियुक्त किया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक स्वायत्तता खत्म हो रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बेहद खर्चीला बताते हुए कहा कि सरकार पूरे शिक्षा बजट में जितना पैसा आवंटित करती है, उससे कहीं अधिक धन तो केवल एक परीक्षा के आयोजन पर ही खर्च हो जाता है।
किरेन रिजिजू का कड़ा पलटवार और माफी की शर्त
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर तत्काल और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए राहुल गांधी से इन आरोपों के पक्ष में सबूत पेश करने को कहा। उन्होंने कड़े लहजे में पूछा कि राहुल गांधी के पास इस बात का क्या प्रमाण है कि अमित शाह ने छात्रों पर हमले या गोली चलाने के निर्देश दिए थे। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के विरुद्ध इस प्रकार की बेबुनियाद बयानबाजी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक राहुल गांधी अपने शब्दों को वापस नहीं लेते और सदन से माफी नहीं मांगते, तब तक बहस को सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
भारी शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित
किरेन रिजिजू की मांग और राहुल गांधी के अड़ियल रुख के कारण सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके जवाब में विपक्षी सांसदों ने भी हंगामा किया। लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन जब राहुल गांधी ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया, तो सदन में गतिरोध बढ़ गया। हंगामे को शांत न होता देख पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित करने का निर्णय लिया। फिलहाल इस विवाद के कारण महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।