US: ईरान मुद्दे पर डोनल्ड ट्रंप की अपनी ही पार्टी के सीनेटर के साथ तीखी नोकझोंक

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इन दिनों अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ईरान युद्ध और तेहरान के साथ हुए हालिया समझौते को लेकर कड़े विरोध का सामना कर रहे हैं। बुधवार को एक बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान ट्रंप और रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी के बीच जबरदस्त बहस हुई। इस तीखी नोकझोंक के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप प्रशासन ने युद्ध के बढ़ते खर्चों को वहन करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस से 70 अरब डॉलर की भारी-भरकम अतिरिक्त धनराशि की मांग कर दी है।

विवाद की मुख्य जड़ पिछले सप्ताह ईरान के साथ हुआ ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ (रूपरेखा समझौता) है। बैठक के दौरान सीनेटर बिल कैसिडी ने इस समझौते की बारीकियों पर सवाल उठाते हुए ट्रंप से जवाब मांगा। उन्होंने विशेष रूप से तेहरान को दिए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन और रियायतों पर आपत्ति जताई। कैसिडी का तर्क था कि यह समझौता उन कठोर लक्ष्यों और उद्देश्यों से काफी नीचे है, जिनका वादा ट्रंप प्रशासन ने युद्ध की शुरुआत में किया था।

जनता को सच जानने का अधिकार
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिल कैसिडी ने अपनी नाराजगी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता को मौजूदा स्थिति और सरकार के फैसलों के बारे में उतना ही जानने का अधिकार है, जितना सरकार उन्हें बता रही है। कैसिडी के अनुसार, जमीनी हकीकत और युद्ध की दिशा वैसी नहीं दिख रही है जैसी प्रशासन द्वारा पेश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले ईरान युद्ध ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक मुसीबत बनता जा रहा है, जो उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर फूट पैदा कर रहा है।

सीनेट में युद्धाधिकार प्रस्ताव पर खींचतान
ट्रंप और कैसिडी की मुलाकात के तुरंत बाद सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व ने ‘युद्ध अधिकार प्रस्ताव’ (War Powers Resolution) को रोकने के लिए देर रात मतदान कराया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान के साथ चल रही शत्रुता और सैन्य गतिविधियों को समाप्त करना था। मतदान के दौरान ट्रंप प्रशासन को मामूली बढ़त मिली। प्रस्ताव को रोकने के पक्ष में 50 वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ 47 मत आए।

इस जीत के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस मतदान ने ईरान को एक सख्त संदेश दिया है। हालांकि, सीनेट ने एक दिन पहले ही प्रतिनिधि सभा से पारित एक अन्य प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जिसमें ट्रंप को तत्काल प्रभाव से युद्ध समाप्त करने का निर्देश दिया गया था।

वोटिंग के दौरान सीनेट की स्थिति

  • बिल कैसिडी: ट्रंप की अपनी पार्टी के होते हुए भी उन्होंने प्रस्ताव को रोकने के पक्ष में मतदान नहीं किया।

  • सुसान कोलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की: इन दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने अधिकांश डेमोक्रेट सांसदों के साथ मिलकर ट्रंप के खिलाफ और युद्ध रोकने के समर्थन में वोट दिया।

  • जान फेटरमैन: पेंसिल्वेनिया के यह डेमोक्रेट सीनेटर अपनी पार्टी की लाइन से हटकर रिपब्लिकन के पक्ष में वोट देने वाले एकमात्र डेमोक्रेट रहे।

  • कुल परिणाम: 50-47 के अंतर से फिलहाल युद्ध विराम के प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है।

70 अरब डॉलर की नई मांग और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने डोनल्ड ट्रंप की राह को मुश्किल बना दिया है। जहां ट्रंप प्रशासन युद्ध को निर्णायक मोड़ पर ले जाने की बात कर रहा है, वहीं बिल कैसिडी जैसे वरिष्ठ नेता पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग पर अड़े हुए हैं। आगामी चुनाव को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप अपनी ही पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को कैसे मनाते हैं और क्या कांग्रेस उन्हें युद्ध के लिए मांगी गई भारी भरकम राशि प्रदान करती है।

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