देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी के निकट मझौन क्षेत्र में बुधवार को एक शोकपूर्ण वातावरण के बीच देश के दिग्गज राजनेताओं ने पद्मश्री जसपाल राणा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में शिरकत की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मझौन पहुंचकर सबसे पहले दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कुछ पल मौन रहकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद रक्षा मंत्री ने परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस अपार दुख को सहने की शक्ति ईश्वर उन्हें प्रदान करे। राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार ने अपना एक महत्वपूर्ण स्तंभ खो दिया है और इस मुश्किल समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दिवंगत आत्मा को नमन किया और पुष्प अर्पित कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार और वे स्वयं हर संभव सहायता के लिए उनके साथ हैं। मझौन में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच विभिन्न राज्यों के दिग्गज नेता एक मंच पर नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी दिवंगत जसपाल राणा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। उन्होंने परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं और उन्हें सांत्वना दी। इसके अलावा केंद्र और राज्य के कई अन्य मंत्रियों और सांसदों ने भी इस दुखद घड़ी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा और खजान दास ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी एकजुटता दिखाते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं, सांसद महेश शर्मा और अजय भट्ट ने भी पुष्प अर्पित कर जसपाल राणा के खेल जगत और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। सांसद सुधांशु त्रिवेदी और विधायक पंकज सिंह ने भी परिजनों से काफी देर तक बात की और उन्हें धैर्य व संबल प्रदान किया।
मझौन में आयोजित इस त्रयोदशी संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रशंसक भी उपस्थित थे। सभी की आंखें नम थीं और हर कोई अपने प्रिय खिलाड़ी को याद कर रहा था। रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने परिवार को इस बड़े दुख को सहन करने के लिए मानसिक बल प्रदान किया। अंत में सभी उपस्थित नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन वज्रपात को सहने की क्षमता प्रदान करें। मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने परिजनों को यह विश्वास दिलाया कि जसपाल राणा की स्मृतियां हमेशा देशवासियों के दिलों में जीवंत रहेंगी।