Uttarakhand: बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण से ही समृद्ध होगा समाज बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महापर्व केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के माध्यम से नारी शक्ति की उपासना का उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों को साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत गरिमामय और सम्मानजनक स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बेटियां अपने स्नेह, त्याग और संस्कारों से न केवल परिवारों को जोड़ती हैं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं की सशक्त वाहक भी हैं। धामी ने जोर देकर कहा कि कन्या पूजन जैसे आयोजन समाज में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के मूल मंत्र को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि कन्या पूजन की भावना तभी सार्थक होगी जब समाज की प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का समान अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार ने बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें कक्षा 9 में प्रवेश पर मुफ्त साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि वे प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी निर्णायक भूमिका निभा सकें।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए 61 हजार रुपये और व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। साथ ही, अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जन्म से लेकर रोजगार और विवाह तक सरकार हर कदम पर बेटियों के सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिन आत्मशुद्धि और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारे में भी मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनय रोहिला, विनोद पंवार, विनय गोयल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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