Delhi: केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज भारत बंद, बैंक और परिवहन सेवाओं पर असर की आशंका – The Hill News

Delhi: केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज भारत बंद, बैंक और परिवहन सेवाओं पर असर की आशंका

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में आज देशभर के विभिन्न ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर बैंकिंग, परिवहन और सरकारी विभागों के कामकाज पर पड़ने की संभावना है। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक साझा मंच ने इस आंदोलन का नेतृत्व करते हुए दावा किया है कि इस महा-हड़ताल में देश भर के लगभग 30 करोड़ मजदूर और कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) की महासचिव अमरजीत कौर ने इस आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार प्रदर्शन का स्तर और भागीदारी पिछली बार की तुलना में कहीं अधिक व्यापक है। उनके अनुसार, 12 फरवरी को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कम से कम 30 करोड़ श्रमिक शामिल हो रहे हैं। गौरतलब है कि जुलाई 2025 में हुए पिछले आंदोलन के दौरान लगभग 25 करोड़ वर्करों ने हिस्सा लिया था। यूनियनों का आकलन है कि यह हड़ताल देश के 600 से अधिक जिलों में कामकाज को प्रभावित करेगी, जबकि पिछले साल यह दायरा 550 जिलों तक ही सीमित था।

यह राष्ट्रव्यापी विरोध मुख्य रूप से केंद्र सरकार की उन नीतियों के खिलाफ है, जिन्हें संगठन श्रमिक-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक बता रहे हैं। इस बंद को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। इसके साथ ही कृषि मजदूर यूनियन, छात्र संगठन, युवा फेडरेशन और अन्य क्षेत्रीय संगठनों ने भी इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। कृषि मजदूर यूनियनों का मुख्य उद्देश्य मनरेगा को प्रभावी ढंग से फिर से शुरू करने की मांग को बुलंद करना है।

अमरजीत कौर के अनुसार, इस हड़ताल का प्रभाव उन राज्यों में भी स्पष्ट दिखेगा जहां भाजपा सत्ता में है। ओडिशा और असम जैसे राज्यों में पूर्ण बंदी रहने की उम्मीद जताई गई है। सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, औद्योगिक क्षेत्रों और निजी संस्थानों में हड़ताल के नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं। ग्रामीण और शहरी, दोनों ही स्तरों पर ब्लॉक और जिला स्तर तक अभियान चलाकर लोगों को इस बंद से जोड़ा गया है।

भारत बंद के दौरान आज कई महत्वपूर्ण सेवाओं के बाधित होने की आशंका है। सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रह सकता है, जबकि राज्य परिवहन की बसें, ऑटो सेवाएं और थोक मंडियां बंद रह सकती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भी ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आवश्यक सेवाओं को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है। अस्पताल, एम्बुलेंस, मेडिकल स्टोर और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। इसके साथ ही निजी दफ्तर, एटीएम सेवाएं और हवाई अड्डे पर विमानों का संचालन भी सुचारू रूप से चलता रहेगा।

 

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