Uttarakhand: आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में प्रगति पोर्टल की बड़ी भूमिका – The Hill News

Uttarakhand: आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में प्रगति पोर्टल की बड़ी भूमिका

देहरादून, 30 जनवरी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) देहरादून द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार के ‘प्रगति पोर्टल’ की उपयोगिता और राज्य में केंद्र के सहयोग से चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला। धामी ने कहा कि परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए वर्ष 2015 में शुरू किया गया यह डिजिटल मंच पारदर्शी और समयबद्ध शासन का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

वार्ता के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि ‘प्रगति’ (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) पोर्टल के माध्यम से देश भर में संचालित प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को पहचान कर उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करता है, जिससे विकास की रफ्तार तेज होती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में बुनियादी ढांचे, रेलवे, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में जो अभूतपूर्व प्रगति देखी गई है, उसमें डिजिटल इंडिया और प्रगति पोर्टल का विशेष योगदान है।

उत्तराखंड के संदर्भ में आंकड़ों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 42 परियोजनाओं की सघन निगरानी की जा रही है। इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 15 उच्च मूल्य की परियोजनाओं की विशेष समीक्षा ‘प्रगति’ तंत्र के तहत हो रही है। धामी ने संतोष व्यक्त किया कि अब तक 10 महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि 32 अन्य परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर कार्य जारी है। इन निर्माणाधीन परियोजनाओं में सड़क और राजमार्ग की 19, सूचना प्रौद्योगिकी की 3, ऊर्जा उत्पादन की 3 और रेलवे की 2 मुख्य परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कृषि, स्वास्थ्य और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

विशेष परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए धामी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को राज्य के लिए जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों के बीच से गुजरने वाली यह लाइन सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ेगी, जिससे चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा होगी। सामरिक दृष्टि से भी इसका महत्व अधिक है क्योंकि मानसून के दौरान सड़क मार्ग अवरुद्ध होने पर यह रेलवे लाइन आवाजाही का सुरक्षित विकल्प बनेगी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इससे ऋषिकेश, हरिद्वार और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले देश-दुनिया के यात्रियों का सफर सुगम और कम समय वाला हो जाएगा।

उत्तराखंड के आधुनिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय मदद में भी इजाफा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना’ (एसएएसबीआई) 2025-26 के तहत उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य को अब तक कुल 1,806.49 करोड़ रुपये की प्रभावशाली सहायता प्राप्त हो चुकी है। इसमें हाल ही में स्वीकृत 734 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ऋण राशि और शहरी भूमि सुधारों के लिए मिली 25 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। धामी ने विश्वास जताया कि यह आर्थिक सहयोग और प्रगति पोर्टल की प्रभावी निगरानी इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने और ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।

 

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