अलीपुरद्वार। भूटान में गुरुवार रात पुनाखा क्षेत्र में एक ग्लेशियर झील फटने के बाद संकोष नदी में पानी का बहाव बढ़ गया। रात करीब 8:15 बजे झील से निकला पानी संकोष नदी के रास्ते तक्तसिमाखांग इलाके तक पहुंच गया। घटना को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए अलीपुरद्वार जिले में संकोष नदी के किनारे बसे चार ग्राम पंचायत क्षेत्रों के करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें भलका एक, भलका दो, चेंगमाड़ी और लैंड ग्राम पंचायत के निवासी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भूटान में तक्तसिमाखांग परियोजना कार्यालय और गासा छाचू में तैनात सेना के जवानों को भी एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, रात में अंधेरा होने के कारण बाढ़ के पानी की वास्तविक मात्रा और उसके प्रभाव का तत्काल आकलन नहीं किया जा सका।
अलीपुरद्वार जिला प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। नदी का जलस्तर बढ़ने या किसी तरह की असामान्य स्थिति दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें। संबंधित ग्राम पंचायतों और अधिकारियों को भी लगातार हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अलीपुरद्वार के सांसद मनोज तिग्गा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर प्रशासन को तुरंत सूचित करने की अपील की।
भूटान में ग्लेशियर झील फटने की इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को लेकर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी के आसपास रहने वाली आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखना है।
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