देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने और मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत निशुल्क कोचिंग के लिए पांच करोड़ रुपये और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए चार करोड़ रुपये रखे गए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और आर्थिक कारणों से उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका को कम करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा भविष्य निर्माण योजना की शुरुआत पात्र विद्यार्थियों को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। योजना के अंतर्गत राज्य के विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के 11 हजार पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। अनुपूरक बजट में पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने से योजना के संचालन और कोचिंग संबंधी व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग मिलने पर विद्यार्थियों को अपने शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के साथ तैयारी करने का अवसर मिल सकता है।
राज्य सरकार की इस पहल में पात्रता के आधार पर विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों और संबंधित महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को देने की व्यवस्था की गई है।
मेधावी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए चार करोड़
सरकार ने विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता जारी रखने के लिए भी अनुपूरक बजट में चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन योजनाओं के अंतर्गत अब तक 21,743 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा चुका था। इसके लिए कुल 17,67,77,300 रुपये वितरित किए गए थे।
छात्रवृत्ति का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में आर्थिक सहयोग देना है। अतिरिक्त बजट प्रावधान से आगे छात्रवृत्ति वितरण के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इन योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को मिला लाभ
राज्य में संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत 17,852 विद्यार्थी शामिल हैं। श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना से 3,289 विद्यार्थियों को लाभ मिला है, जबकि डॉ. शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना के 527 लाभार्थी बताए गए हैं। अन्य योजनाओं के अंतर्गत 75 विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है।
राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देना और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान इसी दिशा में उठाया गया कदम है। योजनाओं का प्रभाव इनके प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचने और निर्धारित धनराशि के समय पर उपयोग पर निर्भर करेगा।