उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र स्थित बर्नीगाड़ में लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत के 38 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें 30 कार्यों का शिलान्यास और आठ कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का शुभारंभ भी किया। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, सड़क संपर्क और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ (कुंवा) में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु अभियान के जनसेवा शिविर में शामिल हुए। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के स्थायी भवन और परिसर का निर्माण जल्द शुरू करने, राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम बनाने तथा बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज तक मोटर मार्ग बनाने की घोषणा की। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय बड़कोट और चिन्यालीसौड़ को उच्चीकृत करने तथा डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल और सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने 194 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पुरोला खंड के 18 कार्यों पर लगभग 176.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग पुरोला के पांच कार्यों पर छह करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग बड़कोट के चार कार्यों पर 6.61 करोड़ रुपये और सिंचाई खंड पुरोला के तीन कार्यों पर 5.12 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
इसके साथ ही 22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आठ कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीन कार्यों पर 18.76 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग बड़कोट के एक कार्य पर 97 लाख रुपये, समग्र शिक्षा के तीन कार्यों पर 1.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के एक कार्य पर 1.36 करोड़ रुपये की लागत शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क, शिक्षा और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
जनसेवा शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से सरकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लाभार्थियों को चेक और उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा सेतु अभियान के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान उनके नजदीक करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
धामी ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे। महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है और स्थायी भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार और दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य में 3.10 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना और सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी पहल भी लागू की गई हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार सुविधाओं को पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
कार्यक्रम में पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।