चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में जनकल्याण और विकास के कामों के जरिए लोगों का विश्वास हासिल किया है। धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव मीमसा में जनसभा और ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों को दिन में बिजली, सिंचाई के लिए नहरी पानी, मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी नौकरियों को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी योजनाओं के कारण प्रत्येक परिवार को हर महीने करीब 15,000 रुपये की बचत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दावों के विपरीत उनकी सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करके परिणाम देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और इसे स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, सिंचाई तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
70 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार के 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कुल 70,685 सरकारी नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के साथ सड़कों में सुधार, स्कूलों और अस्पतालों को मजबूत बनाने तथा गांवों में विकास कार्यों पर भी ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि टोल प्लाजा बंद किए जाने से यात्रियों को प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, ताकि युवा खेलों की ओर आकर्षित हों और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में पहली बार 1,587 ऐसे गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जहां पहले यह सुविधा नहीं थी। उनके मुताबिक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नहरी पानी से सिंचित क्षेत्र वर्ष 2022 में 20.89 लाख एकड़ था, जो बढ़कर अब 60.30 लाख एकड़ हो गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के साथ धान की खरीद के बाद समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों के खाते में भुगतान सीधे पहुंचने से उन्हें आर्थिक अनिश्चितता से राहत मिलती है और वे अपनी उपज का पैसा मिलने के लिए लंबे समय तक इंतजार करने से बचते हैं।
स्वास्थ्य और महिला सहायता योजनाओं पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी परिवार को बेहतर चिकित्सा से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को एक जुलाई से हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार, राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है और योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकारी स्कूलों में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी का चक्र तोड़ने और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है। उनकी सरकार शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को देश के अन्य विद्यार्थियों के बराबर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाना है।
विरोधियों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने भाजपा और अन्य राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कामकाज पर सवाल उठाने के बजाय उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपने कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि जांच एजेंसी को खाली हाथ लौटना पड़ा। मान ने कहा कि वे पंजाब और उसके लोगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी ताकत जनता का विश्वास है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को केवल कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनके आवास के दरवाजे आम लोगों के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आगे भी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के आधार पर काम करती रहेगी तथा पंजाब को खुशहाल और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास जारी रखेगी।