श्रीनगर गढ़वाल। खंडाह क्षेत्र के तरुली-बछेली गांव में गुलदार के हमले में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार हाईवे पर जाम लगा दिया। उन्होंने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने और मृतका के इकलौते पुत्र को रोजगार देने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता से लोग दहशत में हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में गुलदार के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते कुछ समय में क्षेत्र में हमले की छह से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें यह तीसरी मौत बताई जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि गुलदार की सक्रियता के चलते ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी चिंता बनी रहती है।
गुलदार को मारने और रोजगार देने की मांग
महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाकर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मृत महिला के इकलौते पुत्र को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई, ताकि परिवार को इस दुखद घटना के बाद सहारा मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम जरूरी हैं। लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।
परिवार में पसरा मातम
गुलदार के हमले में महिला की मौत से गांव में शोक की लहर है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की सास गहरे सदमे में हैं। वहीं, महिला के पुत्र अरविंद रावत ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर संघर्ष कर उनका पालन-पोषण किया।
इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। एक ओर परिजन महिला की मौत से उबर नहीं पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों की सुरक्षा और पीड़ित परिवार की सहायता के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।