इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सियासी तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इनसाफ (पीटीआई) के समर्थकों के विरोध और इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विपक्षी पार्टी को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, पीटीआई ने सरकार की पेशकश को दिखावा करार देते हुए खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि सरकार बातचीत को लेकर गंभीर होती तो अब तक इमरान खान से मुलाकात पर लगी पाबंदियां हटा दी गई होतीं।
लॉन्ग मार्च रोकने की शर्त पर बातचीत
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक कार्यक्रम में पीटीआई से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे लॉन्ग मार्च को रोकने और धरना समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है। सरकार का रुख था कि पहले मार्च और धरना खत्म किया जाए, इसके बाद विपक्ष के साथ बातचीत की जा सकती है।
लेकिन पीटीआई नेतृत्व ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता और नेता गौहर के अनुसार, सरकार ने बातचीत की बात तो कही है, लेकिन इसके लिए कोई ठोस पहल नहीं की। उनका आरोप है कि केवल सार्वजनिक मंच से संवाद का प्रस्ताव देना सरकार की गंभीरता साबित नहीं करता। पीटीआई ने कहा कि बातचीत की इच्छा का वास्तविक प्रमाण उसके नेताओं के साथ व्यवहार और इमरान खान से मुलाकात की अनुमति देने जैसे कदमों से मिलेगा।
इमरान खान से मुलाकात पर पाबंदी का मुद्दा
पीटीआई ने सरकार से सवाल किया है कि यदि वह राजनीतिक विवाद का समाधान बातचीत से करना चाहती है तो इमरान खान को पार्टी नेताओं से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। पार्टी नेताओं ने रावलपिंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि इमरान खान से उनकी आखिरी मुलाकात पिछले साल अक्टूबर में हुई थी। इसके बाद से मुलाकातों पर रोक लगी हुई है।
पीटीआई का कहना है कि राजनीतिक संवाद की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ सकती है, जब उसके संस्थापक से मिलने और उनसे चर्चा करने का रास्ता खोला जाए। पार्टी ने सरकार पर विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का आरोप भी लगाया है। दूसरी ओर, सरकार लॉन्ग मार्च को अर्थव्यवस्था और देश की स्थिरता के लिए नुकसानदेह बता रही है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मार्च
सरकार की अपील के बावजूद पीटीआई का मार्च जारी रहने की खबर है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे पार्टी समर्थकों ने कोहत पहुंचने पर उनका स्वागत किया। अफरीदी ने अपने संबोधन में इमरान खान के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह उनके समर्थक हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगे।
मार्च के जारी रहने से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका है। पीटीआई समर्थक इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात की अनुमति देने की मांग पर जोर दे रहे हैं।
पहले की बातचीत भी नहीं निकाल सकी रास्ता
सरकार और पीटीआई के बीच इससे पहले नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के नेतृत्व में बातचीत की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। दोनों पक्षों के बीच मांगों और शर्तों को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
फिलहाल शहबाज सरकार और पीटीआई अपने-अपने रुख पर कायम हैं। सरकार चाहती है कि पहले विरोध प्रदर्शन रोके जाएं, जबकि पीटीआई इमरान खान से मुलाकात की अनुमति को बातचीत की दिशा में जरूरी कदम मान रही है। ऐसे में पाकिस्तान में जारी राजनीतिक गतिरोध के जल्द खत्म होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
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