चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में वन भूमि हस्तांतरण, भूमि विनियमितीकरण, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, संपत्ति लेन-देन में पैन सत्यापन, राजकोषीय प्रबंधन, वन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय निकायों से जुड़े विषयों सहित विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण की जांच के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई गठित करने का निर्णय लिया। इसके लिए छह पदों को भी स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य वन भूमि से संबंधित परियोजनाओं की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है।
भूमि से जुड़े एक अन्य फैसले में वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र में संबंधित लोगों को संक्रमणीय भूमिधरी अधिकार देने तथा जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर प्रक्रिया को एक साल के लिए बढ़ाया जाएगा, जिसके बाद वर्तमान सर्किल रेट लागू होगा।
पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़े कार्यों के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की शेष राशि जारी करने की अनुमति दी गई। यह धनराशि निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार निर्माण और अन्य स्वीकृत कार्यों में खर्च की जाएगी।
संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खरीदार, विक्रेता और अन्य पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए पैन की ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था लागू करने को भी मंजूरी दी गई। इससे गलत या फर्जी पैन के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा आयकर विभाग को भेजी जाने वाली सूचनाओं की शुद्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजकोषीय प्रबंधन के संबंध में कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा एवं सुरक्षा जैसी परिस्थितियों में नियमानुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
वन विभाग की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे वनाग्नि, बाढ़, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
कैबिनेट ने छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने को मंजूरी दी। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली और भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप पुराने प्रावधानों में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
समूह ‘ग’ के पदों की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाने और उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता तथा लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त करने को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र से भी जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को हटाने का निर्णय लिया गया।
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