Uttarakhand: उत्तराखंड में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी 71.58 लाख मतदाता शामिल

देहरादून, 3 अक्टूबर। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। अंतिम सूची में कुल 71,58,949 मतदाता शामिल हैं। राज्य में SIR की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी, जबकि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची जारी की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने SIR से संबंधित प्रक्रिया और मतदाता सेवाओं की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है।

SIR शुरू होने के समय 8 जून को प्रदेश की मतदाता सूची में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। गणना प्रपत्रों के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल थे। इसके बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। निर्धारित अवधि में प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद अंतिम सूची तैयार की गई।

अंतिम मतदाता सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता सूची में दर्ज हैं। राज्य में वर्तमान में कुल 12,543 मतदेय स्थल हैं।

पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान कुल 1,29,872 नए मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किया गया, जबकि 1,04,708 नाम नियमानुसार सूची से हटाए गए। निर्वाचन कार्यालय की ओर से बताया गया है कि अंतिम सूची के बाद भी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

छूटे मतदाताओं को जोड़ने के लिए चलेगा अभियान

अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे पात्र व्यक्ति जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन ऑनलाइन और संबंधित बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए विशेष शिविर लगाने और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच बनाने की व्यवस्था की जा रही है।

इस अभियान के तहत BLO वर्तमान मतदाता सूची का SIR से पहले की सूची के साथ मिलान करेंगे। ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जिनके नाम पुरानी सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। इसके बाद BLO घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं की स्थिति और पात्रता की जानकारी लेंगे तथा योग्य पाए जाने वाले लोगों को नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया में सहायता करेंगे।

अभियान में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं को भी शामिल करने पर जोर रहेगा। बूथ स्तर पर शिविरों के साथ नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों और बेघर या अन्य वंचित समूहों के लिए भी विशेष शिविर लगाए जाने की योजना है।

BLO द्वारा तैयार की गई जानकारी को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी भी बूथवार जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

 

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