नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘नेस्ट फेस्ट-2026’ कार्यक्रम में शिरकत की। ‘माई होम इंडिया’ द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए हजारों छात्र-छात्राओं और युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा शक्ति को देखकर उन्हें देश का उज्ज्वल भविष्य स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र की नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मौजूद युवा केवल विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे उस शक्तिशाली भारत के प्रतिनिधि हैं जिनमें बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।
उन्होंने ‘नेस्ट फेस्ट’ की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच की समानताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों का रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश और भौगोलिक परिस्थितियां काफी मिलती-जुलती हैं। ऐसे आयोजनों से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और भावनात्मक जुड़ाव और अधिक मजबूत होता है।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप पूर्वोत्तर भारत अब देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बन गया है। उन्होंने बताया कि पहले की ‘लुक ईस्ट’ नीति को अब ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘फास्ट ईस्ट’ में बदल दिया गया है। वर्ष 2014 के बाद से पूर्वोत्तर में सड़क, सुरंग, जलमार्ग और मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की सांस्कृतिक विविधता का वह मुकुट है जिसके बिना भारत की सुंदरता अधूरी है। मुख्यमंत्री ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू और भूपेन हजारिका जैसी महान विभूतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन प्रतिभाओं ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।
खेलों के महत्व पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों की सफलता के बाद खेल की मशाल अब पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर में होने वाले आगामी राष्ट्रीय खेल भी युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे। उन्होंने पूर्वोत्तर से उत्तराखण्ड में पढ़ाई करने आए छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से खूब पढ़ने, खेलने और बड़े सपने देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और युवाओं का परिश्रम ही इस संकल्प को सिद्ध करेगा। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों के छात्रों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें देखकर मुख्यमंत्री अत्यंत प्रभावित हुए। इस अवसर पर ‘माई होम इंडिया’ के पदाधिकारी, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।