नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली के आर के पुरम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढहने से भीषण हादसा हो गया है। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घायलों का कुशलक्षेम जानने के लिए एम्स ट्रामा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने वहां उपचाराधीन मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मलबे के नीचे से अब तक 11 लोगों को निकाला जा चुका है। बचाव कार्यों के बावजूद इस घटना में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ (NDRF) और दिल्ली पुलिस की टीमें स्थानीय लोगों के सहयोग से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और समय की कमी को देखते हुए बचावकर्मी बेहद सतर्कता से काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसे के कारणों की समीक्षा की और कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित मकान मालिक के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध इस तरह के खतरनाक निर्माण कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि न केवल मकान मालिक, बल्कि जिन अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही से यह अवैध निर्माण खड़ा हुआ था, उन पर भी गाज गिरना तय है। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वाले अफसरों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन में हुआ यह हादसा दिल्ली में पुराने और अवैध निर्माणों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी जर्जर और अवैध इमारतों की पहचान की जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके। रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना है। उन्होंने बचाव अभियान में जुटे सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया और अस्पताल प्रशासन को घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की ताकीद की। पूरी सरकार इस समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और प्रभावितों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है।
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