US: दक्षिण ईरान में शादी समारोह पर हुए मिसाइल हमले में पांच लोगों की मौत के बाद अमेरिका पर उठे सवाल

वाशिंगटन।

ईरान के दक्षिणी क्षेत्र स्थित कुशेतक में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खुशियों से भरा एक शादी समारोह अचानक मातम में बदल गया। एक मिसाइल हमले की चपेट में आने से समारोह में शामिल तीन महिलाओं और दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स और कई सैन्य हथियार विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि यह हमला अमेरिकी गोला-बारूद के जरिए सीधे तौर पर किया गया था। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और अमेरिकी सेना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शुरुआती रिपोर्टों और विश्लेषणों के अनुसार, दक्षिणी ईरान के इस रिहायशी इलाके में हुए भीषण विस्फोट का निशाना संभवतः वह शादी समारोह ही था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी अन्य लक्ष्य से टकराकर गिरी मिसाइल का मलबा नहीं था, बल्कि अमेरिकी हथियारों द्वारा किया गया एक सीधा प्रहार था। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वे अपने ऑपरेशन्स के दौरान कभी भी आम नागरिकों या गैर-सैन्य ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाते हैं।

इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि ईरान में एक शादी समारोह के दौरान हुई इन मौतों की खबर अत्यंत चिंताजनक है और अमेरिका इस मामले की पूरी सच्चाई दुनिया के सामने लाना चाहता है। उन्होंने अमेरिकी सेना की नैतिकता का बचाव करते हुए यह भी जोड़ा कि अमेरिका अपनी सैन्य गलतियों को स्वीकार करने और उनसे सीखने में विश्वास रखता है। उनके अनुसार, यही वह विशेषता है जो अमेरिकी सेना को अन्य देशों के सैन्य तंत्र से अलग और बेहतर बनाती है।

रॉयटर्स ने अपने दावों की पुष्टि के लिए इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को चार प्रमुख सैन्य हथियार विशेषज्ञों के सामने रखा। इन विशेषज्ञों ने गहन अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि घटनास्थल पर जो तबाही देखी गई है, वह सीधे हमले का ही परिणाम लगती है। उनके विश्लेषण के मुताबिक, तबाही का स्वरूप और मलबे की स्थिति यह नहीं दर्शाती कि यह किसी मिसाइल के केवल मलबे या बीच रास्ते में रोकी गई मिसाइल के गिरने से हुआ है। ईरानी मीडिया भी लगातार यही दावा कर रहा है कि अमेरिकी सैनिकों ने तकनीकी चूक या गलत जानकारी के कारण इस नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाया है।

वर्तमान में अमेरिकी जांचकर्ता इस मामले की कई कोणों से पड़ताल कर रहे हैं। जांच का एक मुख्य पहलू यह है कि क्या यह वास्तव में एक सीधा अमेरिकी हमला था या स्थिति कुछ और रही होगी। जांच अधिकारी इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या यह हादसा ईरानी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा किसी अन्य मिसाइल को रोकने की कोशिश में गिरे मलबे की वजह से हुआ है। इसके अलावा, एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि कोई मिसाइल अपने निर्धारित रास्ते से भटक गई हो और अनियंत्रित होकर इस रिहायशी इलाके में जा गिरी हो।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंध पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। शादी जैसे निजी और सामाजिक समारोह पर हुए इस प्रहार ने स्थानीय जनता में गहरा रोष पैदा कर दिया है। जेडी वेंस ने आश्वासन दिया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य के लिए सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेगी कि आखिर उस दिन कुशेतक में मौत बनकर गिरने वाली वह मिसाइल किसकी थी।

 

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