Uttarakhand: उत्तराखंड को योग और आयुर्वेद का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले बाबा रामदेव

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और योगगुरु बाबा रामदेव के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट हुई। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, विशेषकर राज्य को योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने वाला केंद्र बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संजोने के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकारी प्रयासों पर भी बात की।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल एक भौगोलिक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि देवभूमि और योग-आयुर्वेद की पावन स्थली के रूप में भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार इस विशिष्ट पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। धामी के अनुसार, ऋषिकेश से लेकर हिमालय की ऊंची चोटियों तक उत्तराखंड के पास जो प्राकृतिक संपदा और वातावरण है, वह दुनिया में कहीं और नहीं मिलता। सरकार इसी सामर्थ्य का उपयोग कर राज्य को ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद केवल प्राचीन ज्ञान की परंपराएं नहीं हैं, बल्कि ये राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के सशक्त माध्यम भी बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म (स्वास्थ्य आधारित पर्यटन) की अपार संभावनाएं हैं। यदि इसे सही दिशा में प्रोत्साहित किया जाए, तो यह राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा कर सकता है। सरकार ऐसी नीतियां बना रही है जिससे स्थानीय स्तर पर ही जड़ी-बूटियों की खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिले, जिससे न केवल पर्यटन क्षेत्र को लाभ होगा, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा।

भेंट के दौरान बाबा रामदेव ने उत्तराखंड सरकार द्वारा योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का शांत हिमालयी वातावरण और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा इसे प्राकृतिक चिकित्सा के लिए दुनिया का सबसे अनुकूल स्थान बनाती है। बाबा रामदेव ने विश्वास जताया कि यदि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें, तो उत्तराखंड बहुत जल्द योग एवं आयुर्वेद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी धाक जमा लेगा। उन्होंने राज्य की प्राकृतिक संपदा के वैज्ञानिक उपयोग और उसे जन-कल्याण से जोड़ने के सुझाव भी दिए।

दोनों के बीच हुई इस चर्चा में उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार आयुष क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है ताकि आधुनिक अस्पतालों के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों का भी जाल बिछाया जा सके। उन्होंने बाबा रामदेव से आग्रह किया कि वे राज्य के विकास और युवाओं के कौशल विकास में अपना सहयोग और मार्गदर्शन जारी रखें।

मुलाकात के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड का विकास तभी सार्थक होगा जब इसकी प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास के बीच सही संतुलन बना रहे। बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि योग और आयुर्वेद के माध्यम से उत्तराखंड के गौरव को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए वे हमेशा सहयोगी बने रहेंगे। यह मुलाकात राज्य के भविष्य, विशेषकर पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव को देवभूमि की स्मृति चिह्न भी भेंट की।

 

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