Uttarakhand: मल्लिकार्जुन खरगे के मंच शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का देहरादून में बड़ा प्रदर्शन – The Hill News

Uttarakhand: मल्लिकार्जुन खरगे के मंच शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का देहरादून में बड़ा प्रदर्शन

देहरादून।

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के तथाकथित शुद्धिकरण को लेकर उपजा विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया है। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बेहद गंभीर है और पार्टी ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को घेरने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में कांग्रेस आगामी सितंबर माह के पहले सप्ताह में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने जा रही है। इस प्रदर्शन में पार्टी की प्रदेश प्रभारी और सांसद कुमारी सैलजा भी विशेष रूप से शिरकत करेंगी।

इस पूरे प्रकरण पर चर्चा और फीडबैक लेने के लिए कुमारी सैलजा ने दिल्ली में उत्तराखंड के प्रमुख कांग्रेस नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और चुनाव प्रचार अभियान प्रभारी व विधायक प्रीतम सिंह शामिल हुए। कुमारी सैलजा ने दोनों नेताओं से हल्द्वानी की घटना के बाद की स्थिति और अब तक पार्टी द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी ली। दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मंच के शुद्धिकरण जैसी घटनाएं न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि यह एक विशेष मानसिकता को भी दर्शाती हैं जिसे समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे को केवल एक राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे एक बड़े सामाजिक आंदोलन के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। कांग्रेस का मानना है कि भाजपा ने मल्लिकार्जुन खरगे के मंच का शुद्धिकरण करवाकर अपनी दलित विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। इसी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कुमारी सैलजा ने प्रदेश के नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे सभी गुटों और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाएं।

देहरादून में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की योजना हल्द्वानी में भी इसी तरह का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की है। बताया जा रहा है कि हल्द्वानी के प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े केंद्रीय नेता भी शामिल हो सकते हैं ताकि इस मुद्दे की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वे इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जनता के बीच जाकर भाजपा की सच्चाई उजागर करेंगे। पार्टी के भीतर इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि इस घटनाक्रम ने कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और रोष पैदा किया है, जिसे अब सड़क पर प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया जाएगा।

गौरतलब है कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कुछ लोगों द्वारा मंच को गंगाजल से धोने और शुद्ध करने का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर तीखे प्रहार किए हैं। हालांकि, इस विवाद के बाद भाजपा समर्थकों और अन्य पक्षों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है। हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर इस विवाद को जातिगत रंग देने का आरोप लगाया गया है।

तमाम कानूनी और राजनीतिक अड़चनों के बावजूद कांग्रेस पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि भाजपा इस मुद्दे पर रक्षात्मक स्थिति में है और कांग्रेस इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सितंबर के पहले सप्ताह में देहरादून की सड़कों पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन यह तय करेगा कि उत्तराखंड की राजनीति में यह विवाद आने वाले समय में कितनी दूर तक जाएगा। फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता इस प्रस्तावित आंदोलन की सफलता के लिए जिलों और ब्लॉकों में जाकर कार्यकर्ताओं को लामबंद करने में जुट गए हैं।

 

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