Uttarakhand: उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करेगी सरकार मुख्यमंत्री ने दिए कौशल और भाषा प्रशिक्षण के निर्देश

देहरादून।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान संबंधित देशों में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता, रोजगार की संभावनाओं और उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विदेशों में जिन क्षेत्रों में रोजगार की सबसे अधिक मांग है, उनकी पहचान करने के लिए संबंधित देशों के भारतीय मिशनों के साथ निरंतर संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उत्तराखंड के युवाओं को केवल सामान्य शिक्षा ही नहीं, बल्कि विदेशों में मांग के अनुरूप विशिष्ट कौशल और भाषा प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। धामी ने कहा कि यदि युवाओं को वहां की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाएगा, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से सम्मानजनक रोजगार मिल सकेगा।

बैठक में विभिन्न देशों में मौजूद अवसरों की जानकारी साझा की गई। जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने बताया कि वहां शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की भारी मांग है। उन्होंने राज्य सरकार को इन जरूरतों पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का भरोसा दिया। इसी प्रकार, जमैका के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने बताया कि वहां पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और विशेष रूप से नर्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए काफी संभावनाएं हैं। इथियोपिया के राजदूत देवेश उत्तम ने फार्मास्युटिकल, लॉजिस्टिक्स और प्रबंधन के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चर्चा के दौरान उत्तराखंड की अपनी विशेषताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में होम स्टे मॉडल, फार्मा उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस (आरोग्य) के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को उत्तराखंड के होम स्टे और आयुर्वेद केंद्रों का भ्रमण कराया जाए ताकि इन क्षेत्रों की विशेषताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री का मानना है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर प्रमोट कर निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न देशों की मांग का आकलन करते हुए युवाओं के प्रशिक्षण के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और तकनीकी कौशल प्रदान करने की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवा विदेशों में केवल श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि कुशल पेशेवर के रूप में अपनी सेवाएं दें।

धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर विदेशों में उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी सीधे युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें जरूरी प्रशिक्षण दिलाने के लिए एक पारदर्शी और सुनियोजित व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस बैठक के दौरान प्रमुख सचिव आरके सुधांशु और सचिव विनय शंकर पांडेय भी उपस्थित रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी।

 

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