शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राज्य के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के समस्त कर्मचारियों और नागरिकों को तोहफा देते हुए इस वर्ष रक्षाबंधन पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस निर्णय की सबसे विशेष बात यह है कि अब केवल महिला कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी इस दिन सरकारी छुट्टी का लाभ मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में यह पहली बार हो रहा है जब बहनों के साथ-साथ भाइयों के लिए भी रक्षाबंधन पर अवकाश का प्रावधान किया गया है, जो राज्य की पुरानी परंपराओं में एक बड़ा बदलाव है।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा और अवकाश का दायरा
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस ऐतिहासिक निर्णय की आधिकारिक घोषणा विधानसभा की कार्यवाही के दौरान की। उनके इस ऐलान के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में शुक्रवार को अवकाश रहेगा। यह आदेश केवल कार्यालयों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य सभी शैक्षणिक संस्थानों पर भी समान रूप से लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रक्षाबंधन के दिन प्रदेश के सभी सरकारी संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। हालांकि, आम जनता की सुविधा के लिए अस्पताल, बिजली और पानी जैसी अनिवार्य और आपातकालीन सेवाओं को इस अवकाश से बाहर रखा गया है ताकि मूलभूत व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
परंपरा में बदलाव और भाइयों को छुट्टी देने का तर्क
इससे पहले हिमाचल प्रदेश में रक्षाबंधन के दिन केवल महिलाओं को ही विशेष अवकाश प्रदान किया जाता था। इस व्यवस्था को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों और कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर आलोचना भी की जाती रही है। अक्सर यह तर्क दिया जाता था कि रक्षाबंधन का त्यौहार भाई और बहन के आपसी मिलन का पर्व है। यदि बहन घर पर छुट्टी पर है लेकिन भाई को कार्यालय जाना पड़ रहा है, तो ऐसी स्थिति में बहन किसे राखी बांधने जाएगी? इसी व्यवहारिक समस्या और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार ने इस बार भाइयों के लिए भी अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि इस कदम से भाई-बहन के इस त्यौहार को पूरे परिवार के साथ हर्षोल्लास से मनाने का अवसर मिलेगा।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर और परिवहन निर्देश
रक्षाबंधन के पर्व पर महिलाओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि रक्षाबंधन के दिन हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सभी बसों में महिला यात्रियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह सुविधा हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक सीमा के भीतर पूरी तरह से प्रभावी रहेगी और किसी भी महिला यात्री से कोई किराया नहीं वसूला जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि त्यौहार के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रूटों पर अतिरिक्त बसें संचालित की जाएं ताकि किसी को भी असुविधा न हो।
कड़ी चेतावनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई
परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए गए हैं कि महिला यात्रियों के साथ व्यवहार में शालीनता बरतें। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर महिला यात्रियों से किराया वसूलने या उन्हें बस में न बैठाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित चालक या परिचालक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की हर बहन सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपने गंतव्य तक पहुँच सके। इस बार सरकार ने अवकाश और मुफ्त यात्रा के दोहरे प्रबंधों के माध्यम से रक्षाबंधन को प्रदेशवासियों के लिए यादगार बनाने का प्रयास किया है।