Uttarakhand: उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान तेज और दोनों मंडलायुक्त 15 दिन जिलों में करेंगे कैंप

देहरादून, 18 अगस्त। उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को अगले 15 दिनों तक मैदान में रहकर फील्ड विजिट करने और संबंधित जनपदों में कैंप लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हो। निर्वाचन आयोग को मिली शिकायतों और दावों के आधार पर अब ‘सुपर चेकिंग’ अभियान चलाया जाएगा, जिसमें उच्च अधिकारी स्वयं बूथों पर जाकर सत्यापन करेंगे।

मंडलायुक्तों को आवंटित किए गए जिले
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कार्यविभाजन करते हुए कुमाऊं और गढ़वाल के आयुक्तों को विशिष्ट जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। अगले 15 दिनों तक उनकी तैनाती इस प्रकार रहेगी:

अधिकारी आवंटित जनपद (कैंप हेतु)
आयुक्त कुमाऊं नैनीताल और ऊधमसिंह नगर
आयुक्त गढ़वाल देहरादून और हरिद्वार

इस दौरान दोनों आयुक्त निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार उन मतदान केंद्रों (बूथों) का विशेष रूप से भौतिक सत्यापन करेंगे, जहाँ नाम जोड़ने (फॉर्म 6) और नाम हटाने (फॉर्म 7) के लिए असामान्य रूप से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

क्रॉस वेरिफिकेशन और सुपर चेकिंग पर जोर
डॉ. पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों (DEO) को ‘रेंडम फील्ड विजिट’ यानी बूथों का औचक निरीक्षण करना होगा। निर्वाचन अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन बूथों पर फार्म्स का क्रॉस-वेरिफिकेशन करें जहाँ आंकड़े औसत से अधिक हैं।

ईआरओ (ERO) के लिए विशेष दिशा-निर्देश
• जिन बूथों पर फॉर्म 6 (नाम जोड़ना) के आवेदन कुल मतदाताओं के 4 प्रतिशत से अधिक हैं।
• जहाँ फॉर्म 7 (नाम हटाना) के आवेदन 2 प्रतिशत से अधिक प्राप्त हुए हैं।
• ऐसे सभी मामलों में प्रत्येक फॉर्म की दोबारा गहन जांच की जाएगी।

तय समय सीमा में होगा निस्तारण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि फॉर्म 6, 7 और 8 के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता से की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि दावों और आपत्तियों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी आवेदनों का निपटारा आयोग द्वारा तय की गई समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी और निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग की इस सक्रियता से यह साफ है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय बनाने के लिए शासन-प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

 

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