देहरादून, 15 अगस्त। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए वीर बलिदानियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और पुलिस बल के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके पुनर्वास और सहायता के लिए पूरी ताकत से खड़ी है।
सैनिकों और खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक’ से सम्मानित किया। इनमें 7 को सेवा के आधार पर और 6 को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए पदक दिए गए। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भी सम्मानित किया और सूचना विभाग द्वारा आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उत्तराखंड के विकास का विजन 2035
पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड वर्ष 2035 तक विकसित राज्य बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय 41 प्रतिशत बढ़ी है। प्रदेश का बजट अब एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर सुशासन की नई मिसाल पेश की है। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
| मुख्यमंत्री द्वारा की गई 7 महत्वपूर्ण घोषणाएं |
| 1. औद्योगिक विकास: चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। |
| 2. युवा आयोग: प्रदेश के युवाओं की समस्याओं और सुझावों के लिए प्रथम ‘युवा आयोग’ का गठन होगा। |
| 3. सीमावर्ती विकास: सीमांत गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। |
| 4. भूमि अधिकार: वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर उन्हें भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे। |
| 5. आवास सहायता: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य का अंश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया गया। |
| 6. उद्यमिता प्रोत्साहन: 18-30 वर्ष के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार योजना शुरू होगी। इसमें IIT-IIM के सहयोग से प्रशिक्षण और 30 प्रतिशत सरकारी अनुदान मिलेगा। |
| 7. बाल वीरता पुरस्कार: प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से यह पुरस्कार शुरू होगा। |
बुनियादी ढांचा और नारी शक्ति
मुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति साझा की। उन्होंने बताया कि केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्निर्माण और मानसखंड मंदिर माला मिशन से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। सैनिकों के कल्याण के लिए बलिदानियों के परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और परमवीर चक्र विजेताओं के लिए 2 करोड़ रुपये कर दी गई है।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ और जिलाधिकारी आशीष चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि उनकी सरकार की अटूट निष्ठा है।