Uttarakhand: कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं और प्रशिक्षकों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान देवभूमि के खिलाड़ियों ने वैश्विक मंच पर लहराया परचम

देहरादून। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों व उनके प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं, उनके परिजनों और कोचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं ने अपने कठिन परिश्रम, अटूट अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके प्रशिक्षकों का सही मार्गदर्शन और परिवार का निरंतर सहयोग होता है, इसलिए कोचों का सम्मान भी उतना ही अनिवार्य है।

सम्मानित होने वाले पदक विजेता और प्रशिक्षक
• शुभम जुयाल (रुड़की): पैरा एथलेटिक्स में रजत पदक विजेता।
• उन्नति शर्मा (देहरादून): जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक विजेता।
• राकेश सिंह रावत (पौड़ी): शुभम जुयाल के प्रशिक्षक।
• सतीश चन्द्र शर्मा एवं पुनेश कुमार सिंह (देहरादून): उन्नति शर्मा के प्रशिक्षक।
• खीमानन्द बेलवाल (हल्द्वानी): भारतीय बॉक्सिंग टीम के प्रशिक्षक।

खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं पर जोर
समारोह के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश के प्रमुख खेल राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना उनका लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश में आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। जिला और ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी सही मंच मिल सके। सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उन्नत प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई खेल नीति से मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की नई खेल नीति को अब और भी प्रभावी बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि तय की गई है। इसके अलावा, उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर, छात्रवृत्ति और विशेष प्रशिक्षण की सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का विशेष ध्यान महिला खिलाड़ियों, दिव्यांग एथलीटों और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों की उभरती प्रतिभाओं पर है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और खेल अकादमियों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2026 के इन पदक विजेताओं की सफलता आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी और राज्य के अधिक से अधिक युवा खेलों में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा और खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी कोचों से आग्रह किया कि वे नई प्रतिभाओं को तराशने का अपना अभियान जारी रखें ताकि देवभूमि का मान वैश्विक पटल पर हमेशा बना रहे।

 

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