नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के भीतर इन दिनों मुख्य चयनकर्ता के पद और टीम के भविष्य को लेकर भारी उथल-पुथल मची हुई है। वर्तमान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त होने वाला था, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। चर्चा है कि बीसीसीआई अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को इस महत्वपूर्ण भूमिका में लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस संबंध में अंतिम निर्णय सितंबर में होने वाली बोर्ड की वार्षिक आम सभा (एजीएम) में लिया जा सकता है।
अजीत अगरकर के कार्यकाल पर संशय
अजीत अगरकर को जुलाई 2023 में मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने दो टी-20 विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी सहित तीन आईसीसी खिताब जीते। हालांकि, उनका आधिकारिक कार्यकाल इस साल जून में समाप्त हो गया था, जिसे बोर्ड ने फिलहाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। पहले उन्हें 2027 के वनडे विश्व कप तक विस्तार देने की योजना थी, लेकिन हाल के कुछ विवादों और इंग्लैंड दौरे पर मिली हार ने समीकरण बदल दिए हैं। अब अगरकर का भविष्य श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज के परिणाम पर टिका है।
वीवीएस लक्ष्मण क्यों हैं पहली पसंद?
बीसीसीआई के एक धड़े का मानना है कि वीवीएस लक्ष्मण मुख्य चयनकर्ता के रूप में अधिक प्रभावशाली साबित होंगे। बोर्ड को लगता है कि लक्ष्मण के कद और अनुभव के कारण रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी उनकी बातों को अधिक गंभीरता से लेंगे।
| वीवीएस लक्ष्मण की वर्तमान जिम्मेदारियां |
| • बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हेड ऑफ क्रिकेट के रूप में कार्यरत। |
| • अंडर-19 टीम के विकास और कोचिंग संरचना की निगरानी। |
| • स्पोर्ट्स साइंस विभाग और शिक्षा कार्यक्रमों के बीच समन्वय। |
| • संकट के समय मुख्य टीम या दूसरी टीम के कार्यवाहक कोच की भूमिका निभाना। |
रोहित शर्मा के भविष्य पर चयनकर्ताओं और बोर्ड में मतभेद
सबसे बड़ा विवाद रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, चयन समिति का एक हिस्सा चाहता है कि रोहित 2027 के विश्व कप का हिस्सा न रहें। इंग्लैंड दौरे के दौरान यह खबर लीक हो गई कि रोहित अपना आखिरी वनडे खेल रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर भारी हंगामा हुआ। स्थिति को संभालने के लिए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बयान दिया कि रोहित जब तक योजना का हिस्सा हैं, खेलते रहेंगे। इसके बाद रोहित ने शतक जड़कर अपनी उपयोगिता साबित की, जिससे चयनकर्ताओं और बोर्ड के आला अधिकारियों के बीच की दरार और गहरी हो गई है। कई चयनकर्ताओं को लगता है कि बीसीसीआई नेतृत्व सोशल मीडिया के दबाव में अपनी रणनीति बदल रहा है।
समीक्षा बैठक में देरी और भविष्य की चुनौतियां
भारतीय टीम को हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर 10 में से 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। नियम के अनुसार इस खराब प्रदर्शन की समीक्षा होनी चाहिए थी, लेकिन देवजीत सैकिया के अस्वस्थ होने के कारण यह बैठक अब तक नहीं हो पाई है। आगामी दिनों में होने वाली इस बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऑनलाइन जुड़ सकते हैं।
बीसीसीआई अब इस दुविधा में है कि क्या 2027 के विश्व कप के लिए अजीत अगरकर पर भरोसा कायम रखा जाए या वीवीएस लक्ष्मण के हाथों में चयन तंत्र की कमान सौंप दी जाए। लक्ष्मण के पास नेशनल क्रिकेट एकेडमी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लंबा अनुभव है, जो भारतीय क्रिकेट की नई पौध तैयार करने में मददगार साबित हो सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें सितंबर में होने वाली एजीएम पर टिकी हैं, जहां भारतीय क्रिकेट की नई दिशा तय होगी।