हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को हरिद्वार जनपद में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी, अपडेट और त्रुटि रहित बनाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो पाए।
पारदर्शिता और नियमों के पालन पर विशेष जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने समीक्षा बैठक में कहा कि मतदाता सूची से किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि बिना उचित नोटिस दिए किसी भी मतदाता का नाम सूची से पृथक न किया जाए। अभियान की सफलता के लिए उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने निर्देश दिए कि हर सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ संवाद किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या विसंगति का समय रहते समाधान किया जा सके। नोटिस की सुनवाई और विवादों का निपटारा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) स्तर पर ही प्रभावी ढंग से करने को कहा गया है।
हरिद्वार जनपद में डिजिटलीकरण की प्रगति
बैठक में हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में संचालित पुनरीक्षण अभियान की वर्तमान स्थिति का ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में मतदाताओं के आंकड़ों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है और अब तक 90.54 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। मतदाता सूची के मिलान के दौरान कुछ विसंगतियां भी सामने आई हैं। मयूर दीक्षित के अनुसार, ‘नो मैपिंग’ यानी अनमैप्ड श्रेणी के कुल 92,594 मतदाताओं की पहचान की गई है, जिन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इन सभी मामलों की सुनवाई बीएलओ स्तर पर निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है ताकि सूची को शुद्ध किया जा सके।
राजनीतिक दलों के साथ संवाद और सत्यापन प्रक्रिया
बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के साथ भी एक अलग बैठक की। इस दौरान उन्होंने दलों द्वारा उठाए गए सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड मतदाताओं के सत्यापन के लिए आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी भी एक का उपयोग किया जा सकता है। इस लचीली व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वास्तविक मतदाता को सत्यापन प्रक्रिया के दौरान असुविधा न हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में चल रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया।
मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक के उपरांत मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जमीनी हकीकत जानने के लिए रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएचईएल स्थित केंद्रीय विद्यालय मतदान केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात बीएलओ से मतदाता सत्यापन की प्रगति, बांटे गए नोटिसों की संख्या और दस्तावेजों के रखरखाव के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों का संधारण पूरी शुद्धता के साथ किया जाए। निरीक्षण के दौरान विधायक फुरकान अहमद, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से भी कई अधिकारियों ने इस विमर्श में हिस्सा लिया और अपने सुझाव साझा किए।