इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत स्वात जिले में एक बार फिर आतंकवाद ने अपना खूनी खेल दिखाया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के काबल शहर में एक पुलिस स्टेशन के समीप आयोजित शांति रैली के दौरान हुए आत्मघाती धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। इस भीषण हमले में कम से कम 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि लगभग दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना उस समय हुई जब स्थानीय लोग उग्रवाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस भयावह घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें धमाके के बाद की अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है।
शांति की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर प्रहार
काबल शहर में आयोजित यह रैली उग्रवाद और हिंसा के खिलाफ निकाली गई थी। रैली में शामिल दर्जनों लोग उग्रवादियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और प्रशासन से क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके से कुछ ही पल पहले वक्ताओं ने मंच से कहा था कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उग्रवाद का खात्मा करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में जारी हिंसा से तंग आ चुके हैं और बिना किसी डर के अपना जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। इसी शांतिपूर्ण विरोध को आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाया।
पुलिस स्टेशन में घुसने की नाकाम कोशिश और धमाका
स्वात के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) फिदा हुसैन ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आत्मघाती हमलावर का मुख्य लक्ष्य चौराहे पर स्थित पुलिस स्टेशन था। हमलावर ने स्टेशन परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्य द्वार पर तैनात सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसे समय रहते रोक दिया। खुद को घिरा देख और योजना विफल होते देख हमलावर ने स्टेशन के गेट के पास ही खुद को उड़ा लिया। चूंकि रैली उसी स्थान के बिल्कुल पास से गुजर रही थी, इसलिए धमाके की चपेट में बड़ी संख्या में आम नागरिक और पुलिसकर्मी आ गए।
मृतकों में पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया। डीआईजी फिदा हुसैन के मुताबिक, इस हमले में जान गंवाने वाले 15 लोगों में 8 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, जो ड्यूटी पर तैनात थे। अस्पताल में अब तक 22 घायलों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने एक अन्य शव की शिनाख्त की कोशिश शुरू कर दी है, जिसके बारे में अंदेशा है कि वह आत्मघाती हमलावर का ही है। धमाके के कारण पुलिस स्टेशन की इमारत और आसपास के वाहनों को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
प्रशासन की विफलता पर स्थानीय लोगों का आक्रोश
इस हमले के बाद स्वात के नागरिकों में प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। रैली के दौरान ही प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर उग्रवादियों के खिलाफ कड़े कदम न उठाने के आरोप लगाए थे। लोगों का कहना है कि बार-बार की जा रही अपीलों के बावजूद सरकार सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में विफल रही है। खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए गए हैं और घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तबाही का मंजर
हमले का जो वीडियो सामने आया है, वह दिल दहला देने वाला है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक पल में नारेबाजी कर रहे लोगों की खुशी मातम में बदल गई। बम फटते ही पूरा इलाका धुएं के गुबार में समा गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस वीडियो ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की निंदा की है। फिलहाल पूरे स्वात जिले में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अन्य अनहोनी को टाला जा सके।
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