Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की अनेक नई कल्याणकारी योजनाएं

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिक परिवारों के लिए दो मेडिकल मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर श्रमिकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगी।


श्रमिकों के द्वार पर पहुंचेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना’ के तहत मोबाइल मेडिकल वैन की शुरुआत की है। ये वैन निर्माण स्थलों और श्रमिकों के आवासों पर जाकर विशेषज्ञों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। इस वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें पूरी तरह मुफ्त होंगी। साथ ही, टेली-कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी। जांच के बाद अगले तीन महीनों तक श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी। शुरुआत में यह सेवा पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जिलों में लागू की जा रही है, जिसे भविष्य में पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।


शिक्षा, पोषण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
श्रमिकों के बच्चों और परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पोषण योजना’ और ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना’ का शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से श्रमिक परिवारों को आवश्यक पोषण सहायता और उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री दी जाएगी। इसके साथ ही, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत श्रमिक परिवारों को हाइजीन किट वितरित किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।


कौशल विकास और भविष्य का निर्माण
निर्माण श्रमिकों के बच्चों को नए दौर के कौशल से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत हर साल 210 छात्र-छात्राओं को योग और वेलनेस के क्षेत्र में मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बोर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है, जिससे योजनाओं का सीधा लाभ वास्तविक श्रमिकों तक पहुंच रहा है।


पंजीकरण और सामाजिक सुरक्षा का लाभ
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र पर चलते हुए श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं बल्कि राज्य की ‘विकासशक्ति’ मानती है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को औजार, साइकिल, सिलाई मशीन के साथ-साथ मकान बनाने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। बुजुर्ग श्रमिकों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि सभी पात्र श्रमिक समय-समय पर बोर्ड में अपना पंजीकरण नवीनीकृत कराते रहें ताकि उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में असुविधा न हो।


कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस गरिमामय कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, और राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत शामिल रहे। साथ ही सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी और श्रमायुक्त पीसी दुम्का भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड की भावी योजनाओं और वर्तमान गतिविधियों का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया।

 

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