Uttarakhand: मुक्केबाजी में उत्तराखंड की बेटियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवा मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुक्केबाजी के क्षेत्र में उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाली राज्य की महिला मुक्केबाजों ने मुख्यमंत्री आवास में पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ की रहने वाली मुक्केबाज निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। धामी ने न केवल खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उनके प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और ललित कुँवर को भी उनके बेहतरीन मार्गदर्शन के लिए सम्मानित करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


एशियन चैंपियनशिप में निकिता और काजल का रजत पदक
इंडोनेशिया के जकार्ता में 3 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी मुक्केबाजी का लोहा मनवाया। पिथौरागढ़ की निकिता चंद ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में और काजल फर्स्वाण ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए रजत पदक जीते। निकिता चंद इससे पहले भी लगातार तीन वर्षों (2021, 2022 और 2023) में एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। वर्तमान में निकिता अपने प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और भास्कर भट्ट की देखरेख में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रही हैं।


आरती धारियाल ने रोमानिया में जीता स्वर्ण पदक
इसी कड़ी में पिथौरागढ़ की एक अन्य मुक्केबाज आरती धारियाल ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आरती ने 12 से 16 जुलाई 2026 तक रोमानिया में आयोजित ‘गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता’ के 54 किलोग्राम भार वर्ग में सोने का तमगा अपने नाम किया। आरती वर्ष 2024 और 2025 में एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं। उनकी शानदार फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए उनका चयन पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है, जहां वह वर्तमान में कड़ा अभ्यास कर रही हैं।


प्रशिक्षण और संघर्ष की कहानी
इन खिलाड़ियों की सफलता के पीछे कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की लंबी कहानी है। मुनस्यारी की काजल फर्स्वाण ने अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण पिथौरागढ़ के महिला आवासीय छात्रावास में लिया, जहां सुनीता मेहता रावत और कप्तान देवीचंद ने उन्हें तराशा। इसके बाद उन्होंने ‘स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर’ में कोच निखिल महर से बारीकियां सीखीं। काजल ने इससे पहले नेशनल गेम्स-2025 में भी रजत पदक जीता था। वहीं, आरती धारियाल ने भी निखिल महर के मार्गदर्शन में ही बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। इन मुक्केबाजों की सफलता उत्तराखंड के खेल वातावरण और खेलो इंडिया जैसे केंद्रों की सार्थकता को प्रमाणित करती है।


बेटियों के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री का गौरवपूर्ण संबोधन
मुक्केबाजों का सम्मान करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियां आज खेलों के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान रच रही हैं। निकिता, काजल और आरती की जीत यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर खेल प्रतिभा को निखरने का अवसर मिले ताकि वे दुनिया भर में देवभूमि का नाम रोशन कर सकें। इस दौरान विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और अन्य खेल अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

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