हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार में आयोजित ‘आम महोत्सव’ में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बागवानी क्षेत्र से जुड़े किसानों और विशेषज्ञों द्वारा लगाई गई विभिन्न प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ सीधा संवाद करते हुए कहा कि किसान ही उत्तराखंड की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी मेहनत के कारण ही राज्य की बागवानी क्षमता देश-दुनिया में अपनी चमक बिखेर रही है। उन्होंने हरिद्वार के आमों की स्वाद और गुणवत्ता की सराहना करते हुए इसे राज्य की समृद्ध कृषि विरासत का हिस्सा बताया।
बागवानी और कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी सब्सिडी की घोषणा
किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को दोहराते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने जानकारी दी कि एप्पल मिशन के तहत किसानों को 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य में कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन और औषधीय पौधों की खेती के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने ‘महक क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना रसायनों के तैयार किए जा रहे उत्तराखंड के प्राकृतिक परफ्यूम की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ रही है।
हिमालय ब्रांड से मातृशक्ति के उत्पादों को वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘हिमालय ब्रांड’ महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के लिए एक बड़ा मंच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर पैकेजिंग और उच्च गुणवत्ता के कारण उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
ऐतिहासिक कानून और शिक्षा सुधारों से नई मिसाल
पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार द्वारा लिए गए कड़े निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC), नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसलों ने उत्तराखंड को देशभर में एक नई पहचान दी है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मदरसा शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक नया शिक्षा प्राधिकरण गठित किया गया है। इसमें सभी अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि सभी वर्गों के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल सकें।
उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय पुरस्कार
विकास के विभिन्न मानकों पर उत्तराखंड की उपलब्धियों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास, मत्स्य पालन, पर्यटन और निवेश जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से अग्रणी बन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से खनन क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया कि बेहतर कार्यप्रणाली और पारदर्शिता के लिए भारत सरकार ने उत्तराखंड को 200 करोड़ रुपये का विशेष पुरस्कार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि विकास की यह रफ्तार किसी भी परिस्थिति में रुकनी नहीं चाहिए और हरिद्वार को इस यात्रा में एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
महोत्सव के माध्यम से किसानों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को अपनी मेहनत प्रदर्शित करने और उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रमों से किसानों का मनोबल बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकी संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों में सचिव विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस महोत्सव के साक्षी बने।