देहरादून, 21 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने विभिन्न जनपदों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने, सड़क नेटवर्क के सुधार और सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए कुल 51 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि को वित्तीय मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से न केवल दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन सुगम होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में भी गुणात्मक सुधार आएगा।
हवाई संपर्क को मजबूती और हेलीपैड निर्माण
राज्य के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हेलीपैड निर्माण और उनकी अवसंरचना के विकास पर जोर दिया है। इसके तहत जनपद बागेश्वर के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) में हेलीपैड निर्माण के लिए 8.91 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के अंतर्गत सुनकुण्डी (जखोल) में हेलीपैड निर्माण हेतु 1.08 करोड़ रुपये की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, नैनीताल विधानसभा के डौन परेवा में हेलीपैड स्थल के विकास और वहां तक पहुंचने वाले 2 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए पहले चरण में 8.30 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर विद्युतीकरण और अन्य सिविल कार्यों के लिए भी 50 लाख रुपये की धनराशि का अनुमोदन किया गया है।
सड़क नेटवर्क का सुधार और चौड़ीकरण
सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। चम्पावत जनपद में मंच-तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के लिए 2.64 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अल्मोड़ा जनपद के हवालबाग विकासखंड में लोधिया से चौगू तक 5 किलोमीटर लंबे मार्ग के पुनर्निर्माण और सुधारीकरण के लिए 3.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, देहरादून के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में न्यू कैंट मोटर मार्ग पर सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक के मार्ग को दो लेन में बदलने और इसकी चौड़ाई 10.50 मीटर करने के लिए 16.87 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि को मंजूरी मिली है।
आपदा प्रबंधन और पुलिस आधुनिकीकरण
राज्य में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण संसाधनों के आवंटन पर बल दिया है। पौड़ी गढ़वाल जिले में एसडीआरएफ (SDRF) पोस्ट-नैनीडांडा के निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त के रूप में 1.62 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय के लिए मशीनरी, उपकरणों और साज-सज्जा के आधुनिकीकरण हेतु कुल 25 करोड़ रुपये के सापेक्ष 15 करोड़ रुपये की पहली किश्त को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री का मानना है कि पुलिस और आपदा प्रबंधन बलों के आधुनिकीकरण से आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को और अधिक तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा।
न्यायिक और कारागार बुनियादी ढांचे का विकास
न्यायिक व्यवस्था और जेलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। टिहरी जिला कारागार में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल के निर्माण के लिए कुल 2.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 85.72 लाख रुपये जारी करने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इस हॉल में वीसी क्यूबिकल्स और सभी आवश्यक डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अदालती कार्यवाही और बंदियों की पेशी से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री का विजन और प्रदेश का समग्र विकास
इन वित्तीय मंजूरियों के बाद पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के हर कोने में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क संपर्क, हवाई कनेक्टिविटी, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी बनेगी और उत्तराखंड के समग्र विकास को एक नई दिशा प्राप्त होगी।