शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘गूंज’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि हिमाचल प्रदेश की जनता एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर भरोसा जताएगी और भाजपा की तमाम गलतफहमियों को दूर करते हुए राज्य में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार ने हमेशा प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखा है और हिमाचल के अधिकारों के लिए हर स्तर पर मजबूती से लड़ाई लड़ी है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए केंद्र सरकार की ‘अग्निवीर’ योजना को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने देश के नौजवानों के भविष्य को असुरक्षित कर दिया है। राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि पिछली भाजपा सरकार के समय पेपर लीक और नौकरियों की खरीद-फरोख्त जैसे घोटाले चरम पर थे। युवाओं को न्याय दिलाने के लिए उनकी सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर एक नई और पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू की है। वर्तमान में स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई अन्य विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जा रही हैं और अब पेपर लीक जैसी घटनाओं का नामोनिशान नहीं है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के स्तर पर गिरकर 21वें पायदान पर पहुंच गया था। वर्तमान सरकार के सुधारों और नीतियों के चलते अब प्रदेश पांचवें स्थान पर आ गया है और जल्द ही इसे देश में पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं और इस वर्ष तीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी शुरू कर दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश के चारों मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है और अस्पतालों को आधुनिक मशीनों से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही और बताया कि किसानों को उनके उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार छह हजार अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ योजना के तहत पूरा संरक्षण प्रदान कर रही है।
भाजपा से तीखे सवाल और समृद्ध हिमाचल का संकल्प
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़ा करते हुए उनसे तीन सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि भाजपा बताए कि उनके कार्यकाल में पुलिस भर्ती पेपर लीक हुआ था या नहीं? क्या कस्टमाइज पैकेज के नाम पर हजारों बीघा जमीन औने-पौने दामों पर निजी हाथों में सौंपी गई? और क्या हिमकेयर योजना में व्यापक घोटाला हुआ या नहीं? उन्होंने केंद्र सरकार की भी आलोचना करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री द्वारा आपदा के समय घोषित की गई 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अभी तक हिमाचल को क्यों नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) में कटौती न हुई होती तो हिमाचल इसी वर्ष आत्मनिर्भर बन चुका होता। उन्होंने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की इन उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता भाजपा की नकारात्मक राजनीति को नकार कर कांग्रेस के विकासवाद को चुनेगी।
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