नई दिल्ली। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी रणनीति बदलने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। रविवार को बोर्ड ने टेस्ट टीम के कोच पद से ब्रैंडन मैकुलम की छुट्टी कर दी है। हालांकि, मैकुलम सीमित ओवरों के प्रारूप में कोच की अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। इस फैसले के बाद अब क्रिकेट जगत में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि इंग्लैंड का अगला टेस्ट कोच कौन होगा? इस रेस में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कोच रहे राहुल द्रविड़ का नाम सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आ रहा है।
राहुल द्रविड़ की काबिलियत और उनके शांत स्वभाव को देखते हुए इंग्लैंड बोर्ड उनके नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। द्रविड़ के कोच रहते भारतीय टीम ने न केवल टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया था। इंग्लैंड की टीम फिलहाल टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसे मार्गदर्शक की तलाश में है जो टीम को स्थिरता और तकनीक के साथ आगे ले जा सके। हालांकि, राहुल द्रविड़ के लिए यह राह इतनी आसान नहीं होगी क्योंकि कई दिग्गज खिलाड़ी भी इस पद की दौड़ में शामिल हैं।
राहुल द्रविड़ को कड़ी टक्कर देने वाले नामों में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रोट का नाम काफी चर्चा में है। ट्रोट के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का बेहतरीन अनुभव है। उन्होंने साल 2022 से 2026 तक अफगानिस्तान की टीम के साथ बतौर मुख्य कोच काम किया है और उनके कार्यकाल में अफगानिस्तान ने कई ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कीं। टेस्ट क्रिकेट की गहरी समझ रखने वाले ट्रोट मौजूदा दौर की क्रिकेट की बारीकियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
इसके अलावा, इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ भी इस रेस में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। फ्लिंटॉफ फिलहाल ‘इंग्लैंड लायंस’ और ‘सिडनी थंडर’ के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड की युवा प्रतिभाओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करने के कारण उनके पास खिलाड़ियों की अच्छी समझ है। इंग्लैंड बोर्ड उन्हें टेस्ट कोच बनाकर भविष्य के लिए एक पूर्णकालिक नेतृत्व तैयार करने पर विचार कर सकता है।
घरेलू सर्किट की बात करें तो रिचर्ड डॉसन और गैरेथ बैटी के नाम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। डॉसन के पास इंग्लैंड की सीनियर टीम और लायंस टीम के साथ सहायक कोच के रूप में काम करने का अनुभव है, जो उन्हें ईसीबी की प्रणाली के करीब लाता है। वहीं, गैरेथ बैटी ने काउंटी क्रिकेट में सरे की टीम को लगातार तीन बार चैंपियन बनाकर अपनी कोचिंग क्षमता का लोहा मनवाया है।
एक और दिलचस्प नाम भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का है। शास्त्री के नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो बार सीरीज जीतकर इतिहास रचा था। उनकी आक्रामक शैली और निडर रणनीति इंग्लैंड बोर्ड की मौजूदा सोच से काफी मेल खाती है। पहले भी कई बार ब्रिटिश मीडिया में शास्त्री को कोच बनाए जाने की सुगबुगाहट रही है, इसलिए उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।
कोच पद के प्रमुख दावेदार और उनकी विशेषताएं
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राहुल द्रविड़: भारतीय टीम के साथ विश्व कप जीत और टेस्ट में शानदार रिकॉर्ड। शांत स्वभाव और तकनीकी समझ उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
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जोनाथन ट्रोट: अफगानिस्तान टीम के साथ सफल कार्यकाल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की आधुनिक समझ।
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एंड्रयू फ्लिंटॉफ: इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों और ए टीम के साथ काम करने का गहरा अनुभव।
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रवि शास्त्री: टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक रणनीति और विदेशी धरती पर ऐतिहासिक जीत का अनुभव।
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गैरेथ बैटी: काउंटी क्रिकेट में सरे के साथ लगातार तीन खिताब जीतने का शानदार घरेलू रिकॉर्ड।