Himachal: हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों का होगा कायाकल्प साल के अंत तक मिलेंगी एम्स जैसी आधुनिक सुविधाएं

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को इस साल के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के नागरिकों को दिल्ली एम्स जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के समीप ही उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक और बेहतरीन बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए हजारों पदों पर भर्ती की गई है। इसके अतिरिक्त, विभाग में सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव आर्थिक और प्रशासनिक सहायता प्रदान कर रही है।

अत्याधुनिक लैब और पीईटी स्कैन की सुविधा
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और एआईएमएसएस चमियाना में तीन उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं (Advanced Testing Labs) स्थापित की जा रही हैं। इसके लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है। इसके अलावा, आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए भी जल्द ही यह मशीन खरीदने की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को भरने की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पैरा मेडिकल श्रेणियों के 71 पदों और जेओए (आईटी) के 50 पदों को भरने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही पैरा मेडिकल श्रेणियों के 162 अतिरिक्त पदों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अस्पतालों के संचालन में सुगमता आएगी।

बेहतर शैक्षणिक माहौल और इंफ्रास्ट्रक्चर
चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 60 छात्रों का छोटा बैच बनाया जाए। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने आईजीएमसी शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा हॉल के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज में लेक्चर थिएटर के निर्माण के लिए 14.13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है।

चंयाना स्थित एआईएमएसएस में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक और 42 करोड़ रुपये के बजट से एक अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने और आवश्यक मैनपावर की उपलब्धता के बाद राज्य के लोगों को घर के द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

 

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