शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बुधवार शाम को उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के चरण में है और इसे बहुत जल्द अधिसूचित कर दिया जाएगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस नई नीति का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के प्रचुर अवसर पैदा करना है। सरकार इस नीति के माध्यम से प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने की सुगमता की स्थिति को और बेहतर बनाने पर गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति को व्यापक और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसके साथ ही, निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को भी और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया जा रहा है।
नियमों का सरलीकरण और कानूनी सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बना रही है ताकि उद्योगपतियों को हिमाचल में अपने उद्यम स्थापित करने और उन्हें संचालित करने में किसी भी प्रकार की जटिलता का सामना न करना पड़े। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साढे तीन वर्षों के दौरान इस दिशा में कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहल और कानूनी सुधार पहले ही किए जा चुके हैं। सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों को बेहतर और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बल्क ड्रग पार्क और यूनिटी मॉल की प्रगति
बैठक के दौरान ऊना में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क और धर्मशाला में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए देश की प्रतिष्ठित कंपनियों को निवेश हेतु आमंत्रित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,071 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक द्वार खोलेगी। वर्तमान में पार्क के लिए लगभग 800 बीघा भूमि का समतलीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है और साइट विकास का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और स्टीम जनरेशन सुविधा को आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं, धर्मशाला में यूनिटी मॉल परियोजना के लिए 66 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है और वहां भी निर्माण कार्य प्रगति पर है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट्स’ (एक जिला तीन उत्पाद) कार्यक्रम के तहत उत्पादों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पहल से स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे उनके आर्थिक स्तर में सुधार होगा।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, सचिव आशीष सिंहमार, सचिव अमरजीत सिंह, उद्योग निदेशक यूनुस और अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।