Uttarpradesh: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट की आपात बैठक कल चंपतराय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर होगा फैसला

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा और बहुमूल्य सामान चोरी होने के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आठ आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद अब सबकी निगाहें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आगामी बैठक पर टिकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट ने यह बैठक पहले से निर्धारित तारीख 11 जुलाई के बजाय अब 6 जुलाई सोमवार को ही आयोजित करने का निर्णय लिया है।

अयोध्या के मणिराम दास छावनी में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक का पांच सूत्रीय एजेंडा जारी कर दिया गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस बैठक में कई बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

त्यागपत्र और जांच रिपोर्ट पर होगी चर्चा
बैठक के एजेंडे में सबसे संवेदनशील विषय महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के त्यागपत्र पर विचार करना है। दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना में गड़बड़ी और चोरी के प्रकरण के बाद इन दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने इस्तीफे की पेशकश की थी। इसके साथ ही, मंदिर के दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना के संबंध में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सदस्यों के समक्ष रखी जाएगी।

सूत्रों का दावा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को इस बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा। जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें फिलहाल महत्वपूर्ण चर्चाओं से दूर रखने का फैसला लिया गया है।

मंदिर प्रबंधन और वित्तीय ऑडिट
महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मंदिर प्रबंधन की आगामी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का लेखा-जोखा और अन्य वित्तीय विवरणों को भी स्वीकृति दी जाएगी।

एसआईटी अब ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के खातों का फिर से ऑडिट करने की तैयारी में है। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इस ऑडिट में मंदिर निर्माण के खर्चों के साथ-साथ दान में मिले सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं का भी नए सिरे से मिलान किया जाएगा।

बैठक का मुख्य एजेंडा

क्रम विषय
1 महासचिव चंपतराय एवं ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के त्यागपत्र पर विचार
2 दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना पर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट की जानकारी
3 मंदिर प्रबंधन की आगामी व्यवस्थाओं पर चर्चा
4 रिक्त पदों पर चयन के लिए नए नामों पर विचार
5 अध्यक्ष की अनुमति से अन्य आवश्यक विषयों पर निर्णय

हाईकोर्ट में सुनवाई और भविष्य की दिशा
ट्रस्ट की बैठक के साथ ही, सोमवार 6 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका पर भी सुनवाई होनी है। इस याचिका में मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले की सीबीआई जांच कराने और पूरी संपत्ति का कैग (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की गई है। यह मामला न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

ट्रस्ट की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद यह पहली औपचारिक बैठक है। इसमें लिए जाने वाले निर्णय न केवल ट्रस्ट के नेतृत्व को प्रभावित करेंगे, बल्कि मंदिर की प्रशासनिक जवाबदेही और भविष्य की कार्यप्रणाली की दिशा भी तय करेंगे। फिलहाल, बैठक की सूचना पर हस्ताक्षर न होने को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट ने इसे अध्यक्ष की अनुमति से जारी किया गया बेहद आवश्यक संदेश बताया है। देश भर के राम भक्तों की नजरें अब अयोध्या में होने वाली इस बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।

 

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