Uttarakhand: प्रदेश में नरेगा के स्थान पर विकसित भारत – जी राम जी योजना शुरू, अब श्रमिकों को मिलेगा 300 रुपये प्रतिदिन वेतन

देहरादून। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में एक बड़ा प्रशासनिक और ढांचागत बदलाव किया गया है। 1 जुलाई 2026 से राज्य में महात्मा गांधी नरेगा योजना के स्थान पर अब ‘विकसित भारत – जी राम जी योजना’ को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इस नई योजना के तहत अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर और मजदूरी की दरों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

योजना के तहत अब अकुशल श्रमिकों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का श्रम रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। भारत सरकार ने इस नई योजना के लिए राज्य हेतु 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दर निर्धारित की है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

योजना के तहत अनुमन्य कार्यों का विवरण
विकसित भारत – जी राम जी योजना के अंतर्गत विकास कार्यों का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है। इसके तहत कुल 318 प्रकार के कार्यों को अनुमति दी गई है। इन कार्यों को ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं के आधार पर चार मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  • जल संरक्षण: इसके तहत 107 कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा: मुख्य ग्रामीण अवसंरचना के विकास के लिए 88 कार्य तय किए गए हैं।

  • ग्रामीण आजीविका: ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 86 कार्यों को सूची में शामिल किया गया है।

  • आपदा न्यूनीकरण: आपदा के प्रभावों को कम करने के लिए 37 कार्यों का प्रावधान है।

श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य
ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 91.57 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन जॉब कार्ड धारक परिवारों या श्रमिकों की ई-केवाईसी अभी लंबित है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपनी संबंधित ग्राम पंचायत या विकासखंड कार्यालय में उपस्थित होकर इसे पूर्ण कराना होगा।

धीराज गर्ब्याल ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी पूर्ण होने पर ही योजना का लाभ सुगमता से मिल सकेगा। जब तक विकसित भारत – जी राम जी योजना के नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक पुराने जॉब कार्ड (जिनकी ई-केवाईसी हो चुकी है) पूरी तरह वैध माने जाएंगे। महात्मा गांधी नरेगा के तहत चल रहे वर्तमान कार्यों को भी नई योजना के मानकों के आधार पर इसी में समाहित किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2.0 का सर्वेक्षण
ग्रामीण विकास विभाग इसके साथ ही ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के अगले चरण (पीएमएवाई-जी 2.0) की तैयारी में भी जुटा है। सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों पर समस्त ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण सूची को अंतिम रूप देने के लिए ग्राम सभा की खुली बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

मंत्रालय ने इस सूची को अंतिम रूप देने की समय सीमा 10 जुलाई 2026 तय की है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों की पात्रता का निर्धारण करना है। यदि कोई पात्र परिवार सर्वेक्षण से छूट गया है, तो ग्राम सभा की बैठक में ऐसे प्रकरणों को संज्ञान में लेकर उनकी सूची तैयार की जाएगी। विकासखंड स्तर से यह सूची जनपदों के माध्यम से 6 जुलाई 2026 तक शासन को भेजी जाएगी, ताकि समय रहते इसे भारत सरकार को प्रेषित किया जा सके।

योजना की मुख्य विशेषताएं एक नजर में

विवरण आंकड़े/जानकारी
योजना का नाम विकसित भारत – जी राम जी योजना
प्रभावी तिथि 1 जुलाई 2026
प्रतिदिन मजदूरी 300 रुपये
रोजगार की गारंटी 125 दिन (वित्तीय वर्ष)
कुल स्वीकृत कार्य 318
ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति 91.57 प्रतिशत पूर्ण
पीएमएवाई-जी 2.0 की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026

इस नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि विकास कार्यों में भी पारदर्शिता और गति आएगी। सरकार ने श्रमिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सुशासन की इस नई मुहिम का हिस्सा बनें।

 

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