चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को एक सप्ताह के प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए हैं। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वे आगामी सात दिनों तक बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में निवास करेंगे। इस प्रवास का मुख्य उद्देश्य उनके स्वास्थ्य में सुधार करना और व्यस्त दिनचर्या के कारण आई शारीरिक थकान को दूर करना है।
पिछले काफी समय से भगवंत मान लगातार राजनीतिक रैलियों, प्रशासनिक बैठकों और सरकारी दौरों में व्यस्त रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने और प्रशासनिक कार्यों के भारी दबाव के कारण उन्हें शारीरिक थकान और तनाव की शिकायत महसूस हो रही थी। इसके बाद चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया और उन्हें कुछ समय के लिए कामकाज से अवकाश लेकर पूर्ण विश्राम करने तथा प्राकृतिक चिकित्सा की शरण लेने की सलाह दी थी। चिकित्सकों की इसी चिकित्सीय राय का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने इस सात दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की योजना बनाई है।
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से होगा उपचार
बेंगलुरु स्थित इस चिकित्सा केंद्र में भगवंत मान का उपचार पूर्णतः प्राकृतिक और पारंपरिक पद्धति से किया जाएगा। उनके दैनिक कार्यक्रम और उपचार की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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शरीर शुद्धि (डिटॉक्स): प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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योग और ध्यान: शारीरिक लचीलेपन और मानसिक शांति के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में नियमित योग और ध्यान सत्र आयोजित होंगे।
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विशेष आहार योजना: उनके स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए पोषण विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया विशेष खानपान प्रदान किया जाएगा।
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विशेषज्ञ निगरानी: पूरे प्रवास के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य मापदंडों की निगरानी करेगी और जरूरत के अनुसार उपचार में बदलाव करेगी।
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य मुख्यमंत्री की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को फिर से संचित करना है ताकि वे पुनः सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
रवाना होने से पहले सुनिश्चित की विकास की गति
बेंगलुरु के लिए प्रस्थान करने से पहले भगवंत मान ने यह सुनिश्चित किया कि उनकी अनुपस्थिति में राज्य के विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने चंडीगढ़ में कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा बैठकें कीं और लंबित परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू हुई विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चलनी चाहिए।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी के दौरान पंजाब सरकार का नियमित कामकाज बाधित नहीं होगा। सभी कैबिनेट मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को उनके संबंधित विभागों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। आपातकालीन स्थितियों या विशेष प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए मुख्यमंत्री बेंगलुरु से भी अधिकारियों के साथ संपर्क में बने रहेंगे।
गौरतलब है कि भगवंत मान ने हाल के दिनों में कई बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया है, जिनमें महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजना भी शामिल है। लगातार जनसंपर्क कार्यक्रमों के बाद अब वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि पूर्ण ऊर्जा के साथ राज्य की सेवा में वापस लौट सकें। उनके बेंगलुरु प्रवास के दौरान वहां सुरक्षा और उनके ठहरने के विशेष प्रबंध किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शुद्धि कार्यक्रमों से व्यक्ति की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री के अगले सप्ताह तक वापस पंजाब लौटने की संभावना है।
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