लुधियाना। पंजाब सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ का बुधवार को औपचारिक आगाज हो गया। योजना के शुरू होते ही प्रदेश की लाखों महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लौट आई क्योंकि उनके मोबाइल फोन पर बैंक से सम्मान राशि जमा होने के संदेश आने शुरू हो गए। जैसे ही महिलाओं के खातों में तीन-तीन हजार रुपये और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं के लिए 4,500 रुपये पहुंचने की पुष्टि हुई, पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल बन गया।
योजना के शुभारंभ के दौरान लुधियाना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में जश्न जैसा वातावरण देखा गया। कई विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय विधायकों ने बड़ी स्क्रीन लगाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के संबोधन का सीधा प्रसारण दिखाया। कार्यक्रम के संपन्न होते ही देर शाम से ही खातों में पैसा ट्रांसफर होने की प्रक्रिया तेज हो गई, जिससे महिलाओं के बीच उत्साह बढ़ गया।
चार साल का इंतजार हुआ खत्म
पंजाब में इस योजना का इंतजार काफी लंबे समय से किया जा रहा था। दरअसल, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने पर 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। पार्टी ने घोषणा की थी कि प्रत्येक महिला को हर माह 1,000 रुपये और एससी वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। सत्ता संभालने के लगभग चार साल बाद अब सरकार ने इस चुनावी गारंटी को अमलीजामा पहनाया है, जिससे महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
एक साथ मिली तीन महीने की राशि
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के सुचारू संचालन के लिए 9,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि यह योजना एक जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी। महिलाओं को शुरुआत में तीन महीनों की बकाया राशि एक साथ भेजी जा रही है। यही कारण है कि सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में एकमुश्त 3,000 रुपये और एससी वर्ग की महिलाओं के खातों में 4,500 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आने वाले समय में यह राशि प्रतिमाह भेजी जाएगी।
लाभार्थियों की जुबानी खुशी की कहानी
योजना का लाभ मिलने पर महिलाओं ने सरकार के प्रति आभार जताया। लुधियाना के बसंत विहार इलाके की रहने वाली माधुरी ने बताया कि वह सुबह से ही अपने फोन पर नजर टिकाए बैठी थीं। जब रात करीब आठ बजे पैसे जमा होने का संदेश आया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसी तरह काकोवाल रोड की गीता ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही इस योजना के लिए आवेदन किया था। उनके लिए यह राशि एक बड़ा आर्थिक सहारा साबित होगी।
योजना का वित्तीय ढांचा एक नजर में
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सामान्य श्रेणी की महिलाएं: 1,000 रुपये प्रति माह (शुरुआत में एकमुश्त 3,000 रुपये मिले)।
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अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग: 1,500 रुपये प्रति माह (शुरुआत में एकमुश्त 4,500 रुपये मिले)।
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कुल बजट प्रावधान: 9,300 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2026-27)।
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प्रभावी तिथि: 01 जुलाई से योजना लागू मानी गई।
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पात्रता: 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाएं।
पंजाब सरकार की इस पहल को महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस योजना से प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए अब किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लुधियाना के विभिन्न इलाकों में महिलाओं ने एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी प्रसन्नता साझा की।
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