लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और प्रशिक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों को ‘ओ’ लेवल और ‘सीसीसी’ कंप्यूटर पाठ्यक्रम का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राएं आगामी 10 जुलाई 2026 तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। यह पूरा प्रशिक्षण नीलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
योजना की पात्रता और शर्तें
इस निःशुल्क प्रशिक्षण योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य पात्रता मानदंड निर्धारित किए हैं। आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित होना आवश्यक है।
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शैक्षणिक योग्यता: आवेदक का इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
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आय सीमा: छात्र के माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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अन्य शर्तें: आवेदक किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त न कर रहा हो।
प्रशिक्षण का खर्च उठाएगी सरकार
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों पर प्रशिक्षण का कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। विभाग द्वारा प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं को सीधे भुगतान किया जाता है। ‘सीसीसी’ (CCC) कोर्स की अवधि तीन महीने निर्धारित है, जिसके लिए सरकार प्रति छात्र 3,500 रुपये का भुगतान करती है। वहीं, ‘ओ’ लेवल (O Level) के विस्तृत प्रशिक्षण के लिए सरकार द्वारा प्रति छात्र 15,000 रुपये की राशि दी जाती है।
योजना का अब तक का प्रदर्शन
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आंकड़े बताते हैं कि यह योजना युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 29,191 युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया है।
प्रशिक्षण के मुख्य आंकड़े:
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ओ लेवल प्रशिक्षण: 22,407 युवाओं ने यह कोर्स पूरा किया।
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सीसीसी प्रशिक्षण: 6,784 युवाओं ने यह कोर्स पूरा किया।
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सम्बद्ध संस्थान: वर्तमान में पूरे प्रदेश में 299 चयनित संस्थाएं इस योजना के तहत प्रशिक्षण दे रही हैं।
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संस्थानों का विवरण: इनमें से 52 संस्थान केवल ओ लेवल, 43 संस्थान केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों ही कोर्स संचालित कर रहे हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कंप्यूटर प्रशिक्षण युवाओं के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर की बुनियादी और उन्नत जानकारी होना अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार पाने के लिए भी सक्षम बनाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र युवा इस योजना से जुड़कर अपनी डिजिटल दक्षता बढ़ाएं। जो युवा इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बिना किसी शुल्क के उच्च स्तरीय संस्थानों से कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर सकें। 10 जुलाई की समय सीमा को देखते हुए विभाग ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
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