देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य के सभी जनपदों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। सोमवार को आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने सभी जिलाधिकारियों के साथ संवाद किया और अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता फॉर्म के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को विशेष रूप से उन मतदाताओं पर ध्यान देने को कहा जिन्हें ‘अन कलेक्टेबल’ (असंग्रहणीय) श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मतदाताओं का एक बार फिर से सत्यापन किया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रहे। इसके अलावा, उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिया कि वे एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) सूची की बूथवार स्वयं समीक्षा करें।
मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तैयारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में कहा कि जिन जनपदों में मतदाता फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग समाप्त हो चुका है, वहां अब अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी जानी चाहिए। उन्होंने इन जिलों के अधिकारियों को मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। डिजिटाइजेशन की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों की पीठ थपथपाई और इसे लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा और चम्पावत सबसे आगे
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में अब तक 99 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, पूरे प्रदेश में डिजिटाइजेशन का औसत कार्य 92 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है। कुछ जनपदों ने इस कार्य में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त की है, जबकि कुछ अन्य जिले भी लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गए हैं।
विभिन्न जनपदों में डिजिटाइजेशन की स्थिति:
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पूर्ण कार्य (100%): अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों ने डिजिटाइजेशन का कार्य पूरी तरह समाप्त कर लिया है।
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अग्रणी जिले (95% से 97%): बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97%, टिहरी गढ़वाल में 96% और उत्तरकाशी में 95% कार्य पूरा हो चुका है।
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मध्यम प्रगति (91% से 94%): चमोली और पौड़ी गढ़वाल में 94%, रुद्रप्रयाग में 93% तथा नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 91% डिजिटाइजेशन हो चुका है।
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पिछड़ने वाले जिले (88%): देहरादून और हरिद्वार में फिलहाल 88% डिजिटाइजेशन का कार्य हुआ है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अब तक की प्रगति पर सभी जिलाधिकारियों और उनकी टीमों को बधाई दी। इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और संबंधित निर्वाचन अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाया जाए, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक बाधा न आए।