खटीमा (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए रविवार को लोहियाहेड वाटर बाईपास का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस उभरते हुए क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ मौजूद पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से इस स्थल के सौंदर्यीकरण और विकास से जुड़ी आगामी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में प्रकृति ने अपनी अनमोल छटा बिखेरी है। लोहियाहेड वाटर बाईपास एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी भौगोलिक स्थिति और जल संसाधनों के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तराखंड के उन अनछुए क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए संकल्पित है, जहाँ विकास की काफी गुंजाइश है।
शारदा कॉरिडोर से पर्यटन को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोहियाहेड क्षेत्र का विकास सरकार की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजनाओं— ‘शारदा कॉरिडोर’ और ‘शारदा रिवर फ्रंट’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल नदी तटों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, बल्कि यहाँ आधुनिक पर्यटन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब यह क्षेत्र पूरी तरह विकसित हो जाएगा, तो यहाँ देश-दुनिया से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे पूरे सीमांत क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।
स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार
पर्यटन विकास के लाभों का जिक्र करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय युवाओं और निवासियों को होगा। नए पर्यटन स्थल बनने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और होटल, होमस्टे, गाइडिंग व अन्य स्थानीय व्यवसायों के माध्यम से लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट क्षमताओं का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर ही आर्थिक मजबूती प्रदान करना है ताकि युवाओं को पलायन न करना पड़े।
अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के समापन पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के विकास के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी हिदायत दी कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण का पूर्ण संरक्षण किया जाए और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री के इस दौरे से खटीमा क्षेत्र के लोगों में विकास को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। लोहियाहेड वाटर बाईपास न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह भविष्य में उत्तराखंड के प्रमुख रिवर फ्रंट मॉडल्स में से एक बनकर उभरेगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित जनपद स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी और सिंचाई व पर्यटन विभाग के अभियंता भी उपस्थित रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए हैं। अब जल्द ही इस क्षेत्र के कायाकल्प की प्रक्रिया धरातल पर दिखाई देगी।