Uttarakhand: विरासत और विकास के समन्वय से संवर रहा देवभूमि का भविष्य बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार बाईपास रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रख्यात अभिनेता राकेश बेदी को ‘अमर उजाला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया और ‘अमर उजाला उत्तराखंड एचीवर्स’ विशेषांक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास को एक साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने पारिस्थितिकी (इकोलॉजी), अर्थव्यवस्था (इकोनॉमी) और तकनीक के बीच बेहतर तालमेल बिठाया है। उन्होंने बताया कि राज्य में जीईपी (ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट) के आकलन की नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और विकास की गति को संतुलित रखा जा सके। भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।

चारधाम यात्रा और पर्यटन में नए कीर्तिमान
चारधाम यात्रा को आस्था और श्रद्धा का संगम बताते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑल वेदर सड़कों के निर्माण से श्रद्धालुओं की राह सुगम हुई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भव्य पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं। उन्होंने यात्रा के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। आदि कैलाश जैसे सीमांत क्षेत्रों में भी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जहाँ पहले सालाना 400 से 500 लोग आते थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या 45 हजार तक पहुंच गई है। अब श्रद्धालु न केवल गर्मियों में बल्कि शीतकालीन यात्रा के लिए भी उत्तराखंड आ रहे हैं।

अवैध अतिक्रमण और देवभूमि की अस्मिता
मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप और उसकी मर्यादा से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ उत्तराखंड सौंपना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। अवैध कब्जों पर कार्रवाई के संबंध में उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों की जांच के आधार पर ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है और यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

समान नागरिक संहिता और रोजगार
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता से किया गया वादा पूरा कर दिया गया है। उत्तराखंड के बाद अब अन्य प्रदेशों में भी इसे लागू करने की दिशा में विचार हो रहा है। युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं का विश्वास लौटा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, रेखा आर्या, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी, अमर उजाला समूह के प्रेसिडेंट वरुण माहेश्वरी, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रधान संपादक डॉ. इंदुशेखर पंचोली और स्थानीय संपादक अनूप वाजपेयी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से गहरा लगाव है और केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है।

 

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