धर्मशाला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को धर्मशाला शहर के लिए आधुनिक सुविधाओं और हरित परिवहन की दिशा में कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने कोतवाली बाजार में धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 70 लाख रुपये की लागत से पुनर्विकसित किए गए ‘फव्वारा चौक’ का लोकार्पण किया। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने पुराने एचआरटीसी वर्कशॉप परिसर में 11.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो मंजिला ई-बस चार्जिंग डिपो और रखरखाव केंद्र का भी उद्घाटन किया। टिकाऊ शहरी विकास के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए तीन नए इंट्रा-सिटी ई-बस रूटों को भी मंजूरी प्रदान की।
फव्वारा चौक के नवनिर्मित स्वरूप के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुनर्विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य कोतवाली बाजार में सुचारू यातायात सुनिश्चित करना और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को संजोना है। इस योजना के तहत, फव्वारे और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा को नई जगह पर स्थापित किया गया है ताकि सड़क के लिए अतिरिक्त स्थान निकाला जा सके। इसके अलावा, रामलीला मंच और फव्वारा क्षेत्र को एक एकीकृत सार्वजनिक प्लाजा के रूप में विकसित किया गया है, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग हो सके और यातायात प्रबंधन में सुधार आए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस चौक को पारंपरिक स्थानीय शैली की भित्ति चित्रों (मुरल्स), आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और एक आकर्षक फव्वारे के साथ सजाया गया है। यहां एक ‘वैरिएबल मैसेजिंग सिस्टम’ भी लगाया गया है ताकि जनता तक सूचनाएं आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे और स्थानीय विरासत के संरक्षण के बीच एक सुंदर संतुलन का प्रतीक है, जो निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए एक सुखद अनुभव प्रदान करेगी।
ई-बस चार्जिंग डिपो और रखरखाव केंद्र के संदर्भ में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह अत्याधुनिक सुविधा स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी इसी तरह के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस नए केंद्र से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव में क्रांतिकारी सुधार आएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अधिक विश्वसनीय और कुशल बनेगी।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के आयुष एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा, सांसद अनुराग शर्मा और उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा और पुलिस अधीक्षक अशोक रतन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री द्वारा मंजूर किए गए नए ई-बस रूटों से शहरवासियों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। धर्मशाला अब न केवल स्मार्ट सिटी के रूप में बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक आदर्श शहर के रूप में उभर रहा है।